मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस में बड़ी कार्रवाई! 'WITH IYC' ऐप पर खराब प्रदर्शन के कारण 8 महासचिव, 27 सचिव और 3 जिला अध्यक्षों को 3 महीने का अल्टीमेटम दिया गया है। जानें पूरी लिस्ट।

भोपाल । स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस (MP Youth Congress) में संगठनात्मक फेरबदल और अनुशासन को लेकर कड़ा रुख अपनाया गया है। संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व ने काम में लापरवाही बरतने और 'WITH IYC' ऐप पर शून्य सक्रियता दिखाने वाले 38 पदाधिकारियों के पदों को तत्काल प्रभाव से 'होल्ड' कर दिया है।
यह कार्रवाई चुनाव संपन्न होने के महज चार महीने के भीतर की गई है। भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) अब नेताओं की फील्ड रिपोर्ट और सांगठनिक कार्यों की निगरानी "WITH IYC APP" के माध्यम से डिजिटल रूप से कर रही है। डेटाबेस की समीक्षा में पाया गया कि कई पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर नहीं थे।
कार्रवाई का विवरण:
कुल पद जिन पर रोक लगी: 38
प्रदेश महासचिव: 08
प्रदेश सचिव: 27
जिला अध्यक्ष: 03 (अलीराजपुर, रतलाम और रीवा)
यह आदेश एमपी प्रभारी महासचिव शिवी सिंह चौहान और सह-प्रभारियों के हस्ताक्षरों से जारी किया गया है।
संगठन ने इन नेताओं को सीधे पदमुक्त करने के बजाय सुधार के लिए 90 दिनों का 'प्रोबेशन पीरियड' दिया है। यदि अगले तीन महीनों में ऐप पर इनका परफॉर्मेंस संतोषजनक नहीं रहा, तो इन्हें स्थायी रूप से पदों से हटा दिया जाएगा।
सुधार के लिए अनिवार्य शर्तें:
महासचिवों के लिए: उन्हें अपने प्रभार वाले जिले में हर महीने कम से कम 10 दिन अनिवार्य रूप से सक्रिय रहना होगा।
सचिवों के लिए: उन्हें आवंटित क्षेत्र में संगठन मजबूती के लिए कम से कम 7 दिन का समय देना होगा।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
उज्जैन के बड़नगर में मोहर्रम जुलूस के दौरान 40 फीट ऊंचाई पर क्रेन से लटकाई गई वैन में ब्लास्ट का वीडियो वायरल। हिंदू संगठनों की आपत्ति के बाद पुलिस ने आयोजक और क्रेन मालिक सहित 4 पर FIR दर्ज की है।
भोपाल के रवीन्द्र भवन में आपातकाल दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लोकतंत्र सेनानियों और मीसाबंदियों को करेंगे सम्मानित।
राहुल गांधी और कार्तिकेय सिंह चौहान मानहानि मामले में एमपी हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा। राहुल गांधी ने बयान पर खेद जताया, जानिए क्या है पूरा मामला।
थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को संक्रमित रक्त चढ़ाने के मामले में सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला को आरोप पत्र जारी किया गया है। विभाग ने ब्लड सेंटर संचालन में गंभीर अनियमितताओं और प्रशासनिक लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
नीट-यूजी री-एग्जाम में सॉल्वर गैंग के खुलासे के बाद सतना मेडिकल कॉलेज के एक छात्र का नाम सामने आया है। बिहार पुलिस ने 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि कॉलेज प्रबंधन जानकारी जुटा रहा है।
ग्वालियर के डीडी नगर में वैष्णो ज्वेलर्स चलाने वाले पिता-पुत्र ने हॉलमार्क और गिरवी के नाम पर लोगों का सोना-नकदी हड़पा। मेरठ भागने की तैयारी में थे आरोपी, अब तक 14 से अधिक पीड़ित आए सामने।
मानसी गैस सर्विस के निलंबन के बाद अमरपाटन के 25 हजार उपभोक्ता परेशान हैं। गैस सिलेंडर के लिए 20 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। समाधान नहीं मिलने पर 1 जुलाई को आंदोलन और बंद की चेतावनी दी गई है।
विंध्य चेम्बर ऑफ कॉमर्स के चुनाव में व्यापार के साथ राजनीति का भी प्रभाव दिखाई दे रहा है। महापौर, प्राधिकरण पदाधिकारी, पूर्व जनप्रतिनिधि और राजनीतिक परिवारों से जुड़े कई मतदाता सूची में शामिल हैं।
धवारी स्टेडियम पुनर्निर्माण में कराए गए अतिरिक्त कार्यों की जांच के लिए पार्षदों की तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। जांच रिपोर्ट के बाद ही संविदाकार के भुगतान पर आगे निर्णय लिया जाएगा।
कृषि उपज मंडियों में तुलाई व्यवस्था को लेकर किसानों ने पारदर्शिता की मांग उठाई है। वजन में अंतर, इलेक्ट्रॉनिक कांटों की विश्वसनीयता और नियमित सत्यापन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।