रीवा संभाग में 700 से अधिक प्राचार्यों और व्याख्याताओं को क्रमोन्नति लाभ देने की तैयारियों पर सवाल उठे हैं। संयुक्त संचालक लोक शिक्षण ने नियमों का हवाला देते हुए प्रस्तावित सूची को स्वीकृति देने से इंकार कर दिया।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
स्कूल शिक्षा विभाग में एक और फर्जीवाड़ा की तैयारी चल रही है। 700 ऐसे प्राचार्यों और व्याख्याताओं की लिस्ट तैयार की गई है, जिन्हें उच्च पद पर पदोन्नति मिल चुकी है। अब इन्हीं शिक्षकों को 30 और 35 साल में मिलने वाली क्रमोन्नति देने की योजना बनाई गई है। जेडी के पास फाइल पहुंची थी। नियम आड़े आया तो उन्होंने रिजेक्ट कर दिया। अब इस फाइल को कलेक्टर से पास कराने में जुट गए हैं।
स्कूल शिक्षा विभाग में एक के बाद एक फर्जीवाड़ा, घोटाला हुआ। कई मामलों में अधिकारी, कर्मचारी फंसे। एफआईआर भी दर्ज हुआ। अनुकंपा नियुक्ति फर्जीवाड़ा, अनुदान घोटाला से लेकर कई फर्जीवाड़ा स्कूल शिक्षा विभाग में हुआ। अब नया फर्जीवाड़ा क्रमोन्नति को लेकर करने की तैयारी है। शासन ने 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नति देने के आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के तहत क्रमोन्नति का लाभ सिर्फ उन्हें ही दिया जाना है। जिन्होंने एक ही पद पर पदस्थ रहते हुए पहले, दूसरे और तीसरे क्रमोन्नति का लाभ लिया। इसके अलावा उन्हें उच्च पदों पर पदोन्नति का लाभ नहीं लिया हो। लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग ऐसे व्याख्याताओं और प्राचार्यों को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रहा है, जिन्होंने हर कदम पर पदोन्नति ली। यूटीडी से प्राचार्य बन गए। व्याख्याता के पद पर पदोन्नति ली। अब 30 और 35 वर्ष में मिलने वाली क्रमोन्नति का फायदा यूटीडी से जोड़कर लेने की तैयारी कर रहे हैं। इसी लिस्ट में अब पेच फंस गया है।
19 अप्रैल 1999 में जारी आदेश में फंसा पेंच
19 अप्रैल 1999 में सामान्य प्रशासन विभाग ने एक आदेश जारी किया था। इस आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि यदि शासकीय कर्मी की नियमित सेवा में नियुक्ति के बाद की सेवा अवधि 12 वर्ष से अधिक और 24 वर्ष से कम है तथा उसे सेवा में भर्ती के समय लागू प्रारंभिक वेतनमान अथवा उसके तत्स्थानी वेतनमान के अतिरिक्त कोई अन्य वेतनमान, पदोन्नति, क्रमोन्नति, चयन, अपग्रेड करके अथवा अन्य किसी माध्यम से प्राप्त नहीं हुआ है। इसके अलावा नौकरी में 24 वर्ष से अधिक की सेवा में एक से अधिक उच्चतर वेतनमान, पदोन्नति, क्रमोन्नति, चयन, अपग्रेडेशन अथवा अन्य किसी माध्यम से लाभ नहीं मिला है तो ही उसे क्रमोन्नति का लाभ दिया जाएगा।
35 साल एक ही पद पर सेवा देने वाले को मिलना है लाभ
1 अप्रैल 2026 को सामान्य प्रशासन ने एक आदेश जारी किया है। इसमें स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत सहायक शिक्षकों, शिक्षकों और नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक शिक्षकों, माध्यमिक शिक्षकों को 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर चतुर्थ क्रमोन्नति का लाभ देने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय क्रमोन्नति वेतनमान का लाभ 12, 24 और 30 वर्ष की सेवा एक ही पद पर पूर्ण करने के बाद ही चतुर्थ क्रमोन्नति वेतनमान का लाभ देने के निर्देश दिए गए हैं।
जेडी लोक शिक्षण ने लौटाई फाइल
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से 35 वर्ष की सेवा के बाद मिलने वाली क्रमोन्नति का लाभ लेने वाले शिक्षकों की लिस्ट तैयार की गई। इसमें करीब 700 हेडमास्टर, व्याख्याता, हाई और हायर सेकेण्डरी प्राचार्य का नाम जोड़ा गया। इस लिस्ट में ऐसे ऐसे शिक्षकों के नाम जोड़े गए जिन्होंने अपने सेवा काल में कई मर्तबा पदोन्नति का लाभ लिया था। इन्हीं को लाभ देने के लिए फाइल को स्वीकृति के लिए जेडी लोक शिक्षण के पास भेजी गई थी। जेडी ने सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश का हवाला देकर स्वीकृति देने से इंकार कर दिया। इसके बाद अब फाइल को स्वीकृत कराने के लिए कलेक्टर के पास अधिकारी चक्कर लगा रहे हैं।
जेडी को दिया गया है अधिकार
क्रमोन्नति का अधिकार वर्तमान समय में शासन ने संयुक्त संचालक लोक शिक्षण को दे दिया है। 27 अप्रैल 2026 को शासन ने कलेक्टर के अधिकार को परिवर्तित कर जेडी को दे दिया था।
जेडी कोष एवं लेखा की भी भूमिका संदिग्ध
चतुर्थ क्रमोन्नति के लिए एक ही पद पर 35 साल की सेवा करना अनिवार्य है लेकिन जो लिस्ट तैयारकी गई है। इसमें ऐसे ऐसे शिक्षकों, प्राचार्यों का नाम सामिल किया गया है जो कई बार पदोन्नति का लाभ ले चुके हैं। इनकी सेवा पुस्तिका भी जेडी कोष एवं लेखा से चेक हो गई। किसी तरह की आपत्ति भी दर्ज नहीं की गई। इतना ही नहीं कुछ ऐसे भी शिक्षक हैं, जिन्होंने अपना सीआर खुद भरा और खुद चेक भी कर लिया। यह डीपीसी में भी मेम्बर थे और क्रमोन्नति में भी रहे।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्यप्रदेश के 2,790 होमगार्ड जवानों के लिए त्योहारों के इस मौसम में बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। 2018 की विशेष भर्ती के दौरान दूसरे जिलों में पदस्थ किए गए जवानों को अब अपने गृह जिले लौटने का अवसर मिलने जा रहा है। सरकार ने जवानों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए होमगार्ड नियम, 2016 के प्रावधानों में एक बार के लिए विशेष छूट देने का निर्णय लिया है।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर शहर में एक आवारा कुत्ते ने दहशत फैला दी है। कुत्ते ने महज 6 घंटे के भीतर 26 लोगों को काटकर घायल कर दिया। दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक यह आवारा कुत्ता मुख्य बाजार में घूम-घूमकर राहगीरों और वाहन चालकों पर हमला करता रहा।
मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के सभी विभागों में वर्षों से लंबित पड़े अनुकंपा नियुक्ति के मामलों का त्वरित समाधान करने के लिए एक विशेष अभियान चलाने का बड़ा निर्णय लिया है। हाल ही में सरकार द्वारा चलाई गई पदोन्नति प्रक्रिया के फलस्वरूप विभिन्न कार्यालयों में नए पद रिक्त हुए हैं।
धनतेरस पर बाजारों में उमड़ी भीड़ और वाहनों की भारी आवाजाही के कारण राजधानी की हवा की गुणवत्ता चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। शनिवार सुबह 5 बजे टीटी नगर मॉनिटरिंग स्टेशन पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 197 दर्ज किया गया।
मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 7 से 11 दिसंबर तक आयोजित होगा। खाद किल्लत, जहरीली शराब और बिजली कटौती पर सरकार को घेरेगा विपक्ष।
भोपाल में सफाई कर्मचारियों की 3 दिन से जारी हड़ताल से सड़कों पर 2550 टन कचरा जमा हो गया है। वीआईपी इलाकों से लेकर बाजारों तक गंदगी का आलम है। जानिए कर्मचारियों की माँगें और शहर के मौजूदा हालात।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धनतेरस पर सीएम निवास में पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि समाज को गरीबों के कल्याण के लिए आगे आना चाहिए। साथ ही बताया कि MP निवेश में देश में नंबर-1 है।
मध्य प्रदेश में 9 नवंबर को प्रदेशव्यापी गोवर्धन पूजा का आयोजन। सीएम मोहन यादव भोपाल के रविंद्र भवन से 5.51 लाख निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए 60 करोड़ से अधिक की राशि करेंगे ट्रांसफर। जानें पूरी डिटेल।
मध्यप्रदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. निशांत खरे को प्रदेश कार्यालय प्रभारी नियुक्त किया है। जानिए संगठन में हुए इस बड़े बदलाव और कार्यकारिणी के इतिहास के बारे में।
मध्य प्रदेश के 71वें स्थापना दिवस पर भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में 1 से 3 नवंबर 2026 तक तीन दिवसीय 'राज्योत्सव' का आयोजन। थीम 'विरासत से विकास के पथ की ओर अग्रसर प्रदेश'। मोनाली ठाकुर और मामे खान के सांस्कृतिक कार्यक्रम, 102 मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति और किसानों को मिलेंगे ट्रैक्टर व ई-स्कूटर।