रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में ईसीजी रिपोर्ट प्रिंट करने के लिए कागज खत्म हो गया। मरीजों को मोबाइल में फोटो लेकर डॉक्टरों को रिपोर्ट दिखानी पड़ी, जबकि कई ग्रामीण और बुजुर्गों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
डिप्टी सीएम का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया है। यहां व्यवस्थाएं बेपटरी हो गई हैं। कभी एक्सरे की फिल्म खत्म हो जाती है तो कभी मशीनें बंद हो जाती है। इस बार तो हद ही हो गई। ईसीजी की रिपोर्ट प्रिंट तक करने के लिए कागज नहीं है। मोबाइल में रिपोर्ट दे रहे। अब उन ग्रामीणों और बुजुर्गों के साथ समस्या खड़ी हो रही जो कीपैड वाला मोबाइल चलाते हैं। उनकी जांच ही नहीं हो पा रही।
डिप्टी सीएम ने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का सपना रीवा ही नहीं विंध्य के लोगों को दिखाया था। अस्पताल बना और शुरू भी हो गया। 8 साल इसको शुरू हुए हो गए। अब तक न तो यहां डॉक्टरों के सारे पद भर पाए हैं और न ही सभी विभागों की शुरूआत ही हो पाई है। डॉक्टर कम हैं, सुविधाएं भी कम है। फिर भी यहां पर पेड सर्विस दी जाती है। प्राइवेट अस्पताल से तुलना की जाती है लेकिन यहां सरकारी अस्पताल से भी गई बीती व्यवस्था है। मरीजों को अच्छी खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। 10 जुलाई को कई मरीज दिल का जांच कराने ओपीडी में पहुंचे थे। कार्डियोलॉजी विभाग से कई मरीजों को ईसीजी के लिए लिखा गया। ईसीजी कक्ष में जब मरीज पहुंचे तो वहां जांच नहीं हो पाएगी, यह कह कर कईयों को लौटा दिया गया कि जांच बंद है। जिनकी ईसीजी की गई तो उन्हें प्रिंट रिपोर्ट नहीं मिली। मौके पर मौजूद स्टाफ ने स्क्रीन पर आई रिपोर्ट को ही स्मार्ट मोबाइल पर खींच लेने की बात कही। यही मोबाइल की रिपोर्ट डॉक्टर को भी दिखाई गई। डॉक्टर ऐसे ही जांच और इलाज कर रहे हैं। अब आप इस अस्पताल की व्यवस्थाओं और हालातों के बारे में भली भांति समझ गए होंगे। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही है लेकिन सुविधाएं घट रही हैं। मरीज परेशान हैं। यहां हर कदम पर लाइन लगाना पड़ता है। घंटों इंतजार के बाद भी मरीजों को इलाज नही ंमिल पाता। दवाइयां, जांच तक बाहर से कराई जाती हैं।
कुछ दिन पहले एक्सरे फिल्म खत्म हो गई थी
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल सिर्फ नाम का ही सुपर है। यहां सुविधाएं और इलाज थर्ड क्लास की हो गई हंै। इसी वजह से रीवा के मरीजों का नागपुर जाना कम नहीं हो पा रहा है। गरीब ही यहां पर अपनी जान गवां रहे हैं। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में कुछ दिन पहले एक्सरे फिल्म भी खत्म हो गई थी। तब भी मरीजों को मोबाइल पर ही फोटो खींचकर रिपोर्ट दी जा रही थी। अब ईसीजी का कागज ही खत्म हो गया।
कुछ ऐसे खुली अस्पताल के हालातों की पोल
शुक्रवार को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के ओपीडी में भारी भीड़ थी। मरीज कार्डियोलॉजी कक्ष के बाहर लाइन लगाए खड़े थे। डॉक्टर यहां मरीजों को देखने के बाद जांच के लिए भेज रहे थे। 64 वर्षीय अमहिया निवासी कनीज बानो पति गुलाम मैनुद्दीन भी जांच कराने पहुंची। इन्हें भी डॉक्टरों ने ईसीजी के लिए लिखा था। इनके परिजन साथ में थे। जब कनीज बानो को लेकर परिजन ईसीजी कक्ष पहुंचे तो यहां भी लाइन लगी हुई थी। महिला मरीज की भी ईसीजी हुई। ईसीजी के बाद स्टाफ ने प्रिंटेड रिपोर्ट नहीं दी। स्टाफ ने कहा पेपर खत्म हो गया है इसलिए रिपोर्ट नहीं मिल पाएगी। मोबाइल में ही स्क्रीन पर जो रिपोर्ट है, उसकी फोटो ले लो। यही रिपोर्ट डॉक्टर को दिखा देना। परिजनों ने भी ऐसा ही किया। रिपोर्ट डॉक्टर को दिखाई। डॉक्टर ने मोबाइल पर रिपोर्ट देखी फिर इलाज हुआ।
कई गांव के थे उनके पास मोबाइल तक नहीं था
जिनके पास स्मार्ट मोबाइल था। उनकी जांच हो गई। रिपोर्ट भी डॉक्टरों ने देख ली लेकिन कई मरीज गांव से पहुंचे थे। उनके पास मोबाइल भी नहीं था। कईयों के पास पुराने कीपैड वाले मोबाइल थे। जिनसे फोटो नहीं खींची जा सकती थी। अब ऐसे मरीजों को जरूर परेशानी हुई। ईसीजी के लिए डॉक्टरों ने लिखा लेकिन रिपोर्ट नहीं मिली। रिपोर्ट जरूरी थी तो जांच के लिए बाहर दौड़ लगानी पड़ी।

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मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में अवैध उत्खनन और माफियाओं के बेखौफ परिवहन ने एक बार फिर खूनी खेल खेला है। माता बसैया थाना क्षेत्र के जीगनी के पास अवैध पत्थरों से भरी एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने सामने से आ रहे सवारी आटो को कुचल दिया।
रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में ईसीजी रिपोर्ट प्रिंट करने के लिए कागज खत्म हो गया। मरीजों को मोबाइल में फोटो लेकर डॉक्टरों को रिपोर्ट दिखानी पड़ी, जबकि कई ग्रामीण और बुजुर्गों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
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