सतना कृषि उपज मंडी में कई प्रतिष्ठानों के लाइसेंस समाप्त होने के बावजूद कारोबार जारी रहने का मामला सामने आया। नियमों के उल्लंघन, संभावित राजस्व नुकसान और मंडी प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
ए ग्रेड कृषि उपज मंडी में अधिसूचित कृषि उपज के व्यापार को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों के मंडी लाइसेंस की वैधता अवधि समाप्त हो चुकी है, लेकिन उनका कारोबार पहले की तरह जारी है। नियमानुसार लाइसेंस का नवीनीकरण कराए बिना अधिसूचित कृषि उपज का व्यापार नहीं किया जा सकता, फिर भी बाजार में ऐसे प्रतिष्ठान सक्रिय हैं। जानकारी के अनुसार, बीते दो वर्षों के दौरान कई व्यापारियों ने मंडी लाइसेंस की वैधता बढ़ाने के लिए आवेदन तक नहीं किया। परिणामस्वरूप उनके लाइसेंस स्वत: समाप्त हो गए। इसके बावजूद कारोबार बंद नहीं हुआ। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना वैध लाइसेंस के व्यापार होने के बावजूद मंडी प्रशासन की ओर से कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
नियमों में स्पष्ट प्रावधान फिर भी कार्रवाई नहीं
कृषि उपज मंडी अधिनियम के तहत अधिसूचित कृषि उपज का क्रय-विक्रय करने के लिए वैध मंडी अनुज्ञप्ति यानि लाइसेंस अनिवार्य है। यदि कोई व्यापारी बिना वैध लाइसेंस के कारोबार करता है तो उसे अवैध माना जाता है। ऐसे मामलों में मंडी के उड़नदस्ता दल और बाजार प्रभारी को मौके पर निरीक्षण कर कार्रवाई करनी होती है। नियमों के अनुसार अवैध कारोबार पाए जाने पर संबंधित उपज जब्त करने, मंडी शुल्क, अन्य प्रभार तथा दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। इसके बावजूद सतना मंडी क्षेत्र के प्रमुख व्यापारिक इलाकों में ऐसे प्रतिष्ठान लगातार संचालित होने से निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।
राजस्व को नुकसान की आशंका
जानकारों का मानना है कि यदि बिना वैध लाइसेंस के अधिसूचित कृषि उपज का व्यापार किया जा रहा है तो मंडी शुल्क की नियमित वसूली प्रभावित हो सकती है। इससे शासन को मिलने वाले राजस्व पर सीधा असर पड़ने की आशंका है। यही कारण है कि मंडी प्रशासन की भूमिका भी जांच के दायरे में आ रही है।
इन फर्मों के लाइसेंस पर उठे सवाल
उपलब्ध जानकारी के अनुसार किरण मार्केटिंग, सुख्खुमल एंड संस, हरि ट्रेडर्स, शारदा ट्रेडर्स, प्रभु ट्रेडर्स और आरके ट्रेडर्स सहित आधा दर्जन से अधिक व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लाइसेंस की वैधता समाप्त हो चुकी है। इनमें किरण मार्केटिंग का लाइसेंस पिछले वर्ष समाप्त हुआ, जबकि अन्य कुछ फर्मों के लाइसेंस दो वर्ष या उससे अधिक समय पहले समाप्त होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा भी कई अन्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस नवीनीकरण नहीं कराने की बात कही जा रही है।
बाजार प्रभारी की भूमिका संदिग्ध
मंडी प्रशासन ने अवैध कारोबार रोकने के लिए उड़नदस्ता दल और बाजार प्रभारियों की व्यवस्था बनाई है। इनका दायित्व नियमित निरीक्षण कर बिना लाइसेंस कारोबार करने वालों पर कार्रवाई करना है। लेकिन यदि वर्षों से लाइसेंस समाप्त होने के बावजूद कारोबार जारी है तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि निरीक्षण व्यवस्था कितनी प्रभावी है और जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक क्या कार्रवाई की।
क्या कहते हैं नियम?
अधिसूचित कृषि उपज का व्यापार करने के लिए वैध मंडी लाइसेंस अनिवार्य। लाइसेंस समाप्त होने पर कारोबार जारी रखना नियमों के विपरीत माना जाता है। उड़नदस्ता दल और बाजार प्रभारी को निरीक्षण कर कार्रवाई करने का अधिकार। दोषी पाए जाने पर मंडी शुल्क, अन्य शुल्क और दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान।


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