सतना जिले में जुलाई 2026 के पोषण राशन वितरण में गंभीर लापरवाही उजागर हुई। गेहूं, फोर्टिफाइड चावल और नमक का 82 प्रतिशत से अधिक आवंटन उठ नहीं सका, जबकि चार नगर परिषदों में उठाव पूरी तरह शून्य रहा।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
बच्चों और महिलाओं के पोषण के लिए राशन आवंटित हुआ लेकिन उसे उठाकर आंगनवाड़ियों तक पहुंचाने में सिस्टम पिछड़ गया। जुलाई के आंकड़े बताते हैं कि जिले में गेहूं और फोर्टिफाइड चावल का 82% से ज्यादा तथा नमक का करीब 84% आवंटन अभी उठाव में नहीं बदला। सबसे चौंकाने वाली तस्वीर चार नगर परिषदों की है जहां 80 आंगनवाड़ियों के बावजूद तीनों वस्तुओं का उठाव शून्य दर्ज है।
एकीकृत बाल विकास सेवा के जुलाई 2026 के खाद्यान्न वितरण आंकड़ों की पड़ताल में आवंटन और उठाव के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। जिले में 459 उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से 3 हजार 162 आंगनवाड़ी केंद्रों तक पोषण सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था है। इसके बावजूद जिले में गेहूं, फोर्टिफाइड चावल और फोर्टिफाइड नमक तीनों का कुल उठाव 18 फीसदी तक भी नहीं पहुंच पाया है। आंकड़ों की ब्लॉक और नगरीय निकायवार पड़ताल करने पर तस्वीर और चौंकाने वाली है। एक ही जिले में कहीं 50 फीसदी तक उठाव हो चुका है तो कहीं जुलाई में खाता तक नहीं खुला। सबसे बड़े शहरी क्षेत्र सतना नगर निगम की स्थिति भी सबसे कमजोर क्षेत्रों में शामिल है।
2.21 लाख किलो गेहूं मिला, उठा सिर्फ 38 हजार किलो
जिले के लिए जुलाई में 2 लाख 21 हजार 837 किलो से अधिक गेहूं का आवंटन दर्ज है। इसके मुकाबले महज 38 हजार 458 किलो का उठाव हुआ। यानी कुल आवंटन का सिर्फ 17.34 फीसदी ही उठ सका और करीब 82.66 फीसदी गेहूं का उठाव बाकी रहा। फोर्टिफाइड चावल की स्थिति भी लगभग ऐसी ही है। जिले को 66 हजार 1 किलो से अधिक चावल आवंटित हुआ जिसमें से करीब 11 हजार 470 किलो ही उठाया गया। इसका उठाव प्रतिशत 17.38 फीसदी रहा। यानी 82.62 फीसदी आवंटन उठना बाकी है। फोर्टिफाइड नमक में स्थिति और कमजोर है। 5 हजार 753 किलो से अधिक आवंटन के मुकाबले महज 935 किलो के आसपास उठाव दर्ज हुआ। यह कुल आवंटन का सिर्फ 16.25 फीसदी है। यानी करीब 83.75 फीसदी नमक का उठाव बाकी है।
एक ही सिस्टम में कोटर 50% पर, चार निकाय जीरो
आंकड़ों में सबसे दिलचस्प विरोधाभास नगरीय निकायों के बीच दिखाई देता है। एक तरफ चार नगर परिषदों में तीनों वस्तुओं का उठाव शून्य है, वहीं नगर परिषद कोटर में गेहूं, चावल और नमक तीनों का उठाव 50 फीसदी दर्ज है। जैतवारा नगर परिषद में भी गेहूं और फोर्टिफाइड चावल का 50-50 फीसदी उठाव हो चुका है। हालांकि यहां फोर्टिफाइड नमक का उठाव शून्य है। नगर परिषद रामपुर बाघेलान में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है। यहां चावल का 39.26 फीसदी तथा गेहूं और नमक का करीब 39.27 फीसदी उठाव दर्ज है।
ग्रामीण क्षेत्रों में रामपुर बाघेलान आगे
नगरीय क्षेत्रों की तुलना में अधिकांश ग्रामीण जनपदों में उठाव की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है। जनपद पंचायत रामपुर बाघेलान इसमें सबसे आगे है। यहां 96 उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से 591 आंगनवाड़ी केंद्र जुड़े हैं। रामपुर बाघेलान में फोर्टिफाइड चावल का उठाव 27.75 फीसदी, नमक का 27.56 फीसदी और गेहूं का 26.82 फीसदी दर्ज हुआ। जनपद मझगवां में भी गेहूं का 25.68 फीसदी और चावल का 25.38 फीसदी उठाव हुआ। हालांकि नमक का उठाव 18.79 फीसदी रहा। जनपद सतना-सोहावल में तीनों वस्तुओं का उठाव लगभग 24 से 25 फीसदी के बीच है। यहां चावल 24.38, नमक 24.80 और गेहूं 24.16 फीसदी उठा है। जनपद नागौद में चावल का 22.44, नमक का 24.25 और गेहूं का 22.84 फीसदी उठाव दर्ज हुआ।
उचेहरा ग्रामीण भी पीछे, उठाव सिर्फ 7% के आसपास
नगरीय निकायों के साथ ग्रामीण क्षेत्र में जनपद पंचायत उचेहरा की स्थिति भी कमजोर सामने आई है। यहां 69 उचित मूल्य दुकानों से 431 आंगनवाड़ी केंद्र जुड़े हैं, लेकिन तीनों वस्तुओं का उठाव महज सात फीसदी के आसपास है। फोर्टिफाइड चावल का उठाव 7.18 फीसदी, नमक का 7.10 फीसदी और गेहूं का सिर्फ 7.01 फीसदी दर्ज हुआ।
चार नगर परिषदों में खाता तक नहीं खुला
आंकड़ों की सबसे गंभीर तस्वीर बिरसिंहपुर, कोठी, नागौद और उचेहरा नगर परिषद से सामने आई है। इन चारों नगरीय निकायों में गेहूं, फोर्टिफाइड चावल और फोर्टिफाइड नमक तीनों का उठाव शून्य फीसदी दर्ज है। बिरसिंहपुर में 17, कोठी में 17, नागौद में 20 और उचेहरा नगर परिषद क्षेत्र में 26 आंगनवाड़ी केंद्र हैं। इस तरह चारों निकायों को मिलाकर 80 आंगनवाड़ी केंद्र आते हैं। जुलाई के उपलब्ध रिकॉर्ड में इन क्षेत्रों के लिए तीनों खाद्य वस्तुओं का उठाव शून्य होना कई सवाल खड़े करता है।
356 आंगनवाड़ी वाला सतना शहर उठाव सिर्फ साढ़े तीन फीसदी
चार नगर परिषदों के शून्य उठाव के बाद सबसे चौंकाने वाली स्थिति नगर निगम सतना की है। यहां 356 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं। इसके बावजूद तीनों प्रमुख वस्तुओं का उठाव महज साढ़े तीन फीसदी के आसपास दर्ज हुआ है। नगर निगम क्षेत्र के लिए गेहूं का आवंटन 45 हजार 469 किलो से अधिक है, लेकिन इसका उठाव सिर्फ 3.54 फीसदी हुआ। फोर्टिफाइड चावल का उठाव 3.63 फीसदी और फोर्टिफाइड नमक का 3.57 फीसदी दर्ज है। यानी जुलाई के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक नगर निगम क्षेत्र में तीनों वस्तुओं का 96 फीसदी से अधिक आवंटन अभी उठाव में नहीं बदला। जिले के सबसे बड़े शहरी क्षेत्र में इतनी कम रफ्तार इसलिए भी सवाल खड़े करती है क्योंकि यहां आंगनवाड़ी केंद्रों की संख्या कई नगरीय निकायों से कई गुना अधिक है।

रीवा के समान थाना पुलिस ने वाहन चोरी और मोबाइल स्नैचिंग करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में तीन वारदातों का खुलासा हुआ और चोरी के वाहन व लूटा गया मोबाइल बरामद किया गया।
सीधी के रामपुर नैकिन न्यायालय परिसर में बारिश के दौरान जर्जर दीवार गिरने से दो लोगों की मौत और दो घायल हुए। हादसे ने शासकीय भवनों के रखरखाव और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
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सतना जिले में जुलाई 2026 के पोषण राशन वितरण में गंभीर लापरवाही उजागर हुई। गेहूं, फोर्टिफाइड चावल और नमक का 82 प्रतिशत से अधिक आवंटन उठ नहीं सका, जबकि चार नगर परिषदों में उठाव पूरी तरह शून्य रहा।
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