सतना जिले में जुलाई 2026 के पोषण राशन वितरण में गंभीर लापरवाही उजागर हुई। गेहूं, फोर्टिफाइड चावल और नमक का 82 प्रतिशत से अधिक आवंटन उठ नहीं सका, जबकि चार नगर परिषदों में उठाव पूरी तरह शून्य रहा।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 96 हजार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वर्ष 2019 से 2023 के बकाया एरियर्स का भुगतान करने के आदेश दिए हैं। सरकार पर 1400 करोड़ का वित्तीय भार। जानें पूरी अपडेट
मध्यप्रदेश आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका भर्ती 2026 के लिए आवेदन शुरू। 2,548 पदों पर नियुक्ति हेतु पात्रता, अंतिम तिथि और जिलेवार रिक्तियों की पूरी जानकारी यहाँ देखें।
सतना के सुरांगी गांव में कुपोषण से मासूम की मौत के बाद जांच तेज हुई। हेल्थ जेडी ने पहुंचकर बयान दर्ज किए, लापरवाही उजागर हुई, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पर कार्रवाई भी की गई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट बैठक में बड़वाह-धामनोद 4-लेन मार्ग, आंगनवाड़ी पोषण 2.0 और जबलपुर विधि विश्वविद्यालय के लिए करोड़ों की राशि स्वीकृत की गई। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
सतना जिले में कुपोषण का संकट फिर उजागर हुआ है। नागौद क्षेत्र के पनास आंगनवाड़ी केंद्र में स्वास्थ्य जांच के दौरान 7 बच्चे अति गंभीर कुपोषित पाए गए। चार माह पहले मझगवां क्षेत्र में मासूम रजा हुसैन की मौत के बाद भी जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग से लेकर स्वास्थ्य अमले तक की लापरवाही जारी है। आंकड़े बताते हैं कि सतना के 125 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों में कुपोषण का स्तर सरकारी मानकों से कई गुना अधिक है। योजनाओं और बजट के बावजूद नतीजे नहीं दिख रहे, जिम्मेदार अधिकारी अब भी मौन हैं।


















