सतना जिले में खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था सुस्त साबित हो रही है। टोकन मिलने के बाद भी 1300 से ज्यादा किसान खाद के लिए लंबी कतारों में इंतजार को मजबूर हैं।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
जिले में खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था किसानों के लिए राहत कम और इंतजार ज्यादा साबित हो रही है। टोकन मिलने के बाद भी किसानों को खाद के लिए लाइन में लगना पड़ रहा है। ताजा आंकड़े बताते हैं कि सिस्टम में नंबर तो जारी हो रहे हैं, लेकिन खाद की सप्लाई उसी रफ्तार से नहीं पहुंच पा रही। यही वजह है कि 1300 से ज्यादा किसान अब भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
जिले में खाद वितरण के लिए लागू की गई ई-टोकन व्यवस्था भले ही पारदर्शिता का दावा कर रही हो, लेकिन जमीनी हालात किसानों की परेशानी साफ बयां कर रहे हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक गुरूवार के दिन 761 ई-टोकन जनरेट किए गए, जबकि खाद सिर्फ 721 किसानों को ही मिल सकी। यानी करीब 40 किसान ऐसे रहे, जिन्हें टोकन होने के बावजूद खाद नहीं मिली। जिले में 592 टोकन लंबित हैं। इनमें सबसे ज्यादा दबाव मार्कफेड (238 टोकन) और निजी विक्रेताओं (187 टोकन) पर देखा जा रहा है। सहकारी समितियों की संख्या सीमित होने के कारण किसान मजबूरी में निजी दुकानों का रुख कर रहे हैं, जहां भीड़ और इंतजार दोनों बढ़ गए हैं। अब तक के कुल आंकड़े और चिंता बढ़ाते हैं। जिले में 2264 ई-टोकन बनाए जा चुके हैं, जबकि 2144 किसानों को ही खाद मिल पाई है। इसका मतलब साफ है कि 1306 किसान अब भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। रोजाना केंद्रों पर लंबी कतारें लग रही हैं और कई किसान कई-कई दिन चक्कर काटने को मजबूर हैं।
यह भी पढ़ें: उज्जैन: तराना में तनाव... उपद्रवियों ने रात में लकड़ी के टाल में लगा दी आग
किसान ज्यादा टोकन कम
सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि जिले में 7689 किसान पंजीकृत हैं, लेकिन टोकन जनरेट कराने वालों की संख्या इससे काफी कम है। जानकारों का मानना है कि बड़ी संख्या में किसान या तो तकनीकी दिक्कतों के कारण टोकन नहीं बनवा पा रहे हैं, या फिर सिस्टम की जटिल प्रक्रिया से हतोत्साहित होकर बाहर रह जा रहे हैं।
निजी पर निर्भरता बढ़ी
विक्रेता नेटवर्क भी असंतुलित नजर आ रहा है। जिले में कुल 35 सक्रिय खाद विक्रेता हैं। इनमें सिर्फ 5 पैक्स और 5 मार्कफेड केंद्र शामिल हैं, जबकि 23 निजी दुकानों पर सबसे ज्यादा बोझ है। एग्रो केंद्रों की संख्या महज 2 है। नतीजा यह है कि सरकारी और सहकारी व्यवस्था कमजोर पड़ रही है और निजी क्षेत्र पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। हालांकि एक राहत की बात यह जरूर है कि अब तक सिर्फ 16 ई-टोकन रद्द हुए हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि किसान टोकन मिलने के बाद खाद लेने के लिए गंभीर हैं और व्यवस्था का उपयोग करना चाहते हैं।
यह भी पढ़ें: मध्यप्रदेश में एक्शन: 26 जिलों में मिले 3.278 हजार घुसपैठिये बांग्लादेशी

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
हनुमान जयंती 2026 के अवसर पर आज मध्य प्रदेश के भोपाल में यातायात प्रभावित रहेगा. शाम 4 बजे से ट्रैफिक पूरी तरह से प्रभावित रहेगा. मध्य प्रदेश ट्रैफिक पुलिस ने भोपाल के लिए रूट डायवर्जन प्लान जारी किया है. घर से निकलने से पहले डायवर्टेड रूट के बारे में जरूर जान लें.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भ्रमण किया। सिंहस्थ-2028 के लिए क्राउड मैनेजमेंट और सुशासन को लेकर MP-UP के बीच नई रणनीति तैयार।
रीवा-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस एक्सप्रेस को नियमित करने की मंजूरी मिल गई है। चार साल से एक्सटेंशन पर चल रही ट्रेन जल्द नियमित होगी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
रीवा के लोही गांव में वृद्ध महिला की बेरहमी से हत्या कर सिर काटकर ले जाया गया। पुलिस ने सर्च में सिर बरामद किया, मामले की जांच जारी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
रीवा में अमहिया रोड चौड़ीकरण से पहले प्रशासन सख्त हुआ। करीब 200 दुकानें प्रभावित हैं। दुकानदारों को स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए, अन्यथा बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सिंगरौली के मुहेर गांव में नल-जल योजना विफल होने से ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जल संकट गहराने से बीमारियों का खतरा बढ़ा, प्रशासन की अनदेखी पर लोगों में भारी आक्रोश है।
सिंगरौली के मुहेर गांव में नल-जल योजना विफल होने से ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जल संकट गहराने से बीमारियों का खतरा बढ़ा, प्रशासन की अनदेखी पर लोगों में भारी आक्रोश है।
रामनगर सीएचसी में ब्लड स्टोरेज सेंटर का लाइसेंस खत्म होने से मरीजों को सतना तक 70 किमी जाना पड़ रहा है। संसाधनों की कमी से सुविधा शुरू नहीं हो सकी, जिससे गंभीर मरीजों को परेशानी हो रही है।
सतना के उचेहरा में मजदूरी मांगने पर अधेड़ की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि पहले शराब पिलाई गई और फिर पीट-पीटकर घायल किया गया, जिसकी अस्पताल में मौत हो गई।
रीवा संभाग में गेहूं उत्पादन 4.19 लाख एमटी अनुमानित है। सतना और रीवा आगे हैं, जबकि मऊगंज और सिंगरौली पीछे। पंजीकृत किसानों में से केवल आधे ही समर्थन मूल्य पर उपज बेच पाएंगे।