सतना में नर्मदा जल पहुंचाने की परियोजना को लेकर अक्टूबर-नवंबर 2026 की नई समयसीमा सामने आई है। वर्षों से मिलती तारीखों के बीच टनल निर्माण अंतिम चरण में है, लेकिन लोगों का भरोसा अभी भी अधूरा है।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
सतना वासियों को मां नर्मदा के जल के नाम पर अब तक सिर्फ तारीखें मिली हैं। नर्मदा का पानी सतना कब आएगा इसको लेकर एक और तारीख सामने आई है। बताया जा रहा है कि जुलाई माह तक टनल की खुदाई का काम पूर्ण कर लिया जाएगा। दावा तो यह किया जा रहा है कि कटनी जिले के स्लीमनाबाद में निर्माणाधीन बरगी टनल की खुदाई का कार्य इसी 15 जुलाई तक पूर्ण कर लिया जाएगा और अक्टूबर- नवम्बर तक नर्मदा का जल सतना आ सकता है। यह पहला अवसर नहीं है जब नर्मदा के जल के सतना आने की कोई तारीख दी गई है। पिछले दो-तीन सालों में लगभग 20 से 25 बार तारीखें दी जा चुकी हैं लेकिन अब तक पानी नहीं आया है। अब देखना यह है कि इस बार मिली नई तारीख में पानी सतना आ पाता है या फिर सतना-रीवा के लोगों को नर्मदा के जल के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। बहरहाल, पिछले कुछ समय से टनल की खुदाई के काम में जिस तरह से तेजी आई है और कार्य को लेकर सक्रियता बरती जा रही है उससे उम्मीद जागी है कि मां नर्मदा का जल जल्द ही विंध्य की पावन धरा पर आएगा।
कई सालों से मां नर्मदा का पानी सतना लाए जाने के सपने दिखाए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि मां नर्मदा का पानी सतना आने के बाद यहां के किसान पंजाब- हरियाणा की तरह ही खुशहाल हो जाएगा। विंध्य के तीन जिलों सतना-मैहर एवं रीवा के 885 गांवों की 1 लाख 63 हजार 18 हैक्टेयर जमीन नर्मदा जल से सिंचित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस दिशा में पिछले कुछ समय से युद्ध स्तर पर प्रयास भी हो रहे हैं लेकिन बावजूद इसके सरकारी तय सीमा के अंदर नर्मदा का पानी सतना आ पाएगा अभी इस पर संदेह के बादल हैं। हालांकि पिछले कुछ समय से सरकार द्वारा गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल और सतना सांसद गणेश सिंह लगातार इस दिशा में काम कर रहे हैं। सांसद ने हाल ही में प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर इस दिशा में पहल और तेज करने का आग्रह कर चुके हैं। ताकि सतना समेत विंध्य वासियों को जल्द से जल्द मां नर्मदा का जल मिल सके। हालांकि जब तक नर्मदा का जल सतना आने का रास्ता साफ होगा, तब तक इसके लिए बनाई गई नहरें करीब-करीब जर्जर हो चुकी हैं। उनमें उतना सामर्थ नहीं बचा है कि वे मां नर्मदा के जल को अपने में धारण कर सकें। नर्मदा का जल सतना आने से पहले नहरों की मरम्मत की दिशा में एक बार फिर से पहल करनी होगी।
दो से तीन सालों में मिली 20 से 25 तारीख
मां नर्मदा के जल से सतना में फसलें कब लहलाएंगी यह तो भविष्य के गर्त में है लेकिन नर्मदा जल को लेकर तारीख पर तारीख ही मिल रही हैं। तारीखों का यह सिलसिला पिछले दो से तीन सालों में 20 से 25 बार चल चुका है। हर बार पानी आने की तारीख तो मिलती है पर पानी नहीं आ पाता है। नर्मदा जल की वर्षों से राह देख रहे सतना-मैहर और रीवा जिले के लोगों को पिछले सात-आठ माह में चार से पांच बार पानी आने की तारीख दी जा चुकी है। अब भी यह तय नहीं कि नर्मदा का जल आखिर सतना कब आएगा? मां नर्मदा का जल सतना आने की एक नई तारीख अक्टूबर-नवम्बर 2026 दी गई है। इससे पहले यह मई 2026 थी अब देखना यह है कि इस तय तारीख पर नर्मदा जल सतना आ पाता है कि नहीं या फिर ये भी एक तारीख बन कर रह जाएगी।
अब अक्टूबर- नवम्बर की समय-सीमा
मां नर्मदा का जल सतना कब आएगा यह अब भी एक पहेली बना हुआ है। नर्मदा का जल सतना आने की एक और तारीख सामने आई है। इसमें दावा किया जा रहा है कि आने वाले अक्टूबर-नवम्बर माह तक नर्मदा का जल सतना आ सकता है। दावा किया जा रहा है कि स्लीमनाबाद में बन रही 11.95 किमी लम्बी टनल का काम जुलाई माह में ही पूर्ण होगा। टनल का कार्य पूर्ण होने के बाद जिले की सिंचाई सुविधाएं बढ़ेंगी। हालांकि कुछ रिर्पोटों में दावा किया जा रहा है कि टनल का काम पूरा होने और नर्मदा का जल सतना आने में अभी लम्बा समय लग सकता है। यह समय 2027 और 2028 भी हो सकता है।
सांसद ने कहा-अक्टूबर तक सतना पहुंचेगा नर्मदा का जल
बरगी बांध की दाईं तट नहर परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण माना जाने वाला स्लीमनाबाद टनल निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। सांसद गणेश सिंह ने रविवार को जारी बयान में बताया कि टनल निर्माण का केवल 6 मीटर कार्य शेष रह गया है और सोमवार रात तक टनल का काम पूरा होने की उम्मीद है। इसके साथ ही करीब 17 वर्षों से विभिन्न कारणों से अटकी इस महत्वाकांक्षी परियोजना का सबसे बड़ा अवरोध समाप्त हो जाएगा। सांसद गणेश सिंह ने बताया कि टनल निर्माण पूरा होने के बाद परियोजना के निर्माण से जुड़े आॅपरेटरों, इंजीनियरों और अन्य कर्मचारियों के सम्मान के लिए 15 जुलाई को कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी आमंत्रित किया है। सांसद ने परियोजना को गति देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के प्रमुख सचिव राजेश राजौरा के प्रति आभार व्यक्त किया। सांसद ने बताया कि वे स्वयं हर 15 दिन में निर्माण स्थल का दौरा कर कार्यों की समीक्षा करते रहे।
किस जिले में कितनी जमीन होगी सिंचित
सतना जिला
मैहर जिला
रीवा जिला


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