सतना में पुराने बस स्टैंड बंद करने के विरोध में बस ऑपरेटरों का धरना, यात्री परेशान, प्रशासन सख्त।
सतना के रामवन में आयोजित बसन्तोत्सव मेले को प्रदेश के सांस्कृतिक कैलेंडर में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू। कलेक्टर ने संस्कृति विभाग को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
सतना में मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के तहत खाद्यान्न उठाव में गंभीर लापरवाही सामने आई। तय समयसीमा में परिवहन पूरा न होने पर प्रशासन ने पेनाल्टी और ब्लैकलिस्ट की चेतावनी दी।
सतना में धान उपार्जन अंतिम चरण में है। पश्चिमी विक्षोभ से बारिश की संभावना, केंद्रों पर रखे लाखों टन धान की सुरक्षा चुनौती।
सतना के नजीराबाद इलाके में शासकीय आराजी से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई के दौरान प्रशासन, अतिक्रमणकारियों और राजनीतिक दबाव की तस्वीर सामने आई। किराए पर चलाई जा रही गुमटी हटाई गई, पार्षद ने विरोध जताया और कब्जाधारी ने हाईकोर्ट में मामला लंबित होने का दावा किया।
प्रदेश में बढ़ रहे कार्बाइड गन के हादसों को देखते हुए प्रशासन ने अब एक्शन मोड अपनाया है। सतना जिले में एसडीएम ने अवैध कार्बाइड गन से जुड़ी घटनाओं और क्षति का ब्यौरा मांगा है, वहीं रीवा संभागायुक्त ने सभी जिलों को तत्काल सुरक्षा उपाय अपनाने और दोषियों पर विस्फोटक अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। दीपावली के दौरान मनोरंजन का साधन बनी कार्बाइड गन अब खतरा बन चुकी है।
सतना जिले में खाद वितरण व्यवस्था की खामियों पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। वर्ती के सहायक समिति प्रबंधक को निलंबित किया गया, अबेर और चूंद समितियों के प्रबंधकों को शोकॉज नोटिस जारी किए गए। सोहावल में जांच के दौरान 1.35 टन यूरिया का स्टाक पीओएस में दर्ज होने के बावजूद मौके पर एक दाना भी नहीं मिला। कांग्रेस ने खाद की कालाबाजारी का आरोप लगाया।
सतना और मैहर में खाद वितरण को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। किसान सुबह से लेकर देर रात तक लाइन में लगे रहने के बाद भी खाद नहीं पा रहे। कई महिलाएं और पुरुष भूखे-प्यासे कतार में खड़े हैं, यहां तक कि एक बोरी खाद के चक्कर में नौकरियां छूट रही हैं। कलेक्टर ने निरीक्षण कर बड़ी गड़बड़ियों को उजागर किया और समितियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
पन्ना के बृहस्पति कुंड में डूबे दो युवकों के शव 48 घंटे बाद बरामद हुए। प्रशासनिक लापरवाही और सीमावर्ती क्षेत्र के समन्वय की कमी से रेस्क्यू प्रभावित रहा।
सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने मानसून के मद्देनजर अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की पहचान, जल निकासी व्यवस्था, और स्वास्थ्य से जुड़े उपायों को प्राथमिकता देने की बात कही। अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए निरीक्षण और समयबद्ध कार्यवाही पर ज़ोर दिया गया है।






















