रीवा के गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल की नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। स्टाफ की तत्परता से सभी नवजातों को सुरक्षित स्थानांतरित कर बड़ा हादसा टाल दिया गया।

हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
जिले से एक बड़ी और डराने वाली खबर सामने आई है। यहां स्थित श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के अधीन गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में अचानक शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। वार्ड के भीतर धुआं उठते ही अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। गनीमत यह रही कि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ की तत्परता और अग्निशामक यंत्रों के सही समय पर इस्तेमाल से आग पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा होते-होते टल गया।
शॉर्ट सर्किट के बाद जैसे ही वार्ड में धुआं फैलना शुरू हुआ, वहां भर्ती नवजात बच्चों के परिजनों में चीख-पुकार और दहशत का माहौल निर्मित हो गया। अस्पताल प्रशासन और नर्सिंग स्टाफ ने बिना वक्त गंवाए मुस्तैदी दिखाई और आनन-फानन में सभी नवजात शिशुओं को सुरक्षित तरीके से दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया। इस त्वरित कार्रवाई की वजह से किसी भी बच्चे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भुगतान न होने से नहीं हुआ मेंटीनेंस
इस घटना के पीछे अस्पताल प्रबंधन की एक बहुत बड़ी प्रशासनिक लापरवाही सामने आ रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज के डीन द्वारा मेंटेनेंस कंपनी का भुगतान लंबे समय से रोक कर रखा गया है। भुगतान न मिलने से नाराज मेंटेनेंस कंपनी ने अस्पताल के उपकरणों और बिजली वायरिंग की देखरेख का काम बंद कर रखा है। यही कारण है कि अस्पताल में आए दिन तकनीकी गड़बड़ियां और शॉर्ट सर्किट जैसी खतरनाक घटनाएं घटित हो रही हैं।
परिजनों में आक्रोश और डर का माहौल
घटना के बाद से ही बच्चों के माता-पिता और परिजन बेहद डरे हुए हैं। उनका कहना है कि सरकारी अस्पताल में उनके बच्चों की जिंदगी दांव पर लगी हुई है। परिजनों ने आरोप लगाया कि जब प्रबंधन को पता था कि मेंटेनेंस का काम रुका हुआ है, तो मासूम बच्चों के वार्ड में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए गए। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और बच्चों का इलाज दूसरे वार्ड में सुचारू रूप से जारी है। लेकिन इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि इस गंभीर लापरवाही के बाद डीन और जिम्मेदार अधिकारियों की नींद टूटती है या मासूमों की जान को यूं ही जोखिम में डाला जाता रहेगा।
नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में लगे पांच वोल्ट के साकेट से एसी चालू किया गया था। जिसके चलते शार्ट सर्किट हुआ। आए दिन प्रबंधन की लापरवाही से ऐसी घटनाएं हो रही हैं। अगर अस्पताल प्रबंधन ने इस लापरवाही पर लगाम नहीं लगाई तो गंभीर हादसे हो सकते हैं।
- विनोद तिवारी, एसडीओ पीडब्ल्यूडी विद्युत यांत्रिकी

रीवा के गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल की नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। स्टाफ की तत्परता से सभी नवजातों को सुरक्षित स्थानांतरित कर बड़ा हादसा टाल दिया गया।
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