सीधी जिले के बहरी बाजार में महिला से सरेआम मारपीट का वीडियो वायरल। दबंगई, पुलिस लापरवाही और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए।

हाइलाइट्स:
सीधी, स्टार समाचार वेब
सीधी जिले के बहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत बहरी बाजार में एक व्यक्ति द्वारा दबंगई करते हुए एक महिला के साथ लात घुसों एवं डंडे से बुरी तरह मारपीट करने की घटना ने कल रविवार को फिर से सीधी जिले को अपनी शर्मसार कर देने वाली घटनाओं के कारण राष्ट्रीय स्तर पर फिर सुर्खियों में ला दिया। ये वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है। हालांकि महिला की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है लेकिन थाने से महज 100 मीटर दूर इतनी बड़ी घटना हो जाती है जो पूरे जिले को शर्मसार करती है, इस बात से ये भी साबित होता है कि जिले में दबंगई, गुंड़ई करने वाले अपराधियों तक के भीतर पुलिस का किसी भी प्रकार का खौफ
नहीं है।
क्या थी घटना?
सीधी जिले के बहरी थाने से महज 100 मीटर दूर बस स्टैंड के पास आरोपी संतोष पाठक ने एक महिला को गोमती के विवाद को लेकर लात-घुसों, डंडे से पीटा। जिसका किसी ने वीडियो बना लिया, वीडियो अब सोशल मीडिया में खूब वायरल है। फिलहाल जब इस मामले को लेकर थाना प्रभारी बहरी राजेश पांडे से बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि वो छुट्टी पर हैं। हालांकि बहरी पुलिस ने महिला की शिकायत पर संतोष पाठक एवं एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक इन आरोपियों को पुलिस अभी गिरफ्तार नहीं कर पाई है। जबकि हैरानी की बात है कि मामले का मुख्य आरोपी लगातार फेसबुक पेज माध्यम से अपनी सफाई पेश कर रहा है।
क्या थी घटना की वजह ?
मिली जानकारी के मुताबिक हेमा सिंह पति रघुवंश प्रताप सिंह निवासी भनवार थाना बहरी जिला सीधी हनुमना मोड़ के पास एक गोमती रखकर सब्जी की दुकान चलाती थी, जिसको आरोपी संतोष पाठक ने तीन माह पूर्व तोड़फोड़ करके हटा दिया था और अपनी दुकान रखकर किराया से दे रखा था। इस घटना के बाद महिला ठेला लगाकर सब्जी की दुकान चलाने लगी लेकिन उसके ठेले को भी रात में गायब कर दिया गया, अब जब वो दुकान फिर से लगाने के लिए पहुंची तो आरोपी के द्वारा गाली गलौज करते हुए मारपीट की गई है। हालांकि जिस जमीन को लेकर ये विवाद है वहां पहले बहरी पुलिस चौकी हुआ करती थी शासकीय अभिलेख में दर्ज भी है। आरोपी संतोष पाठक क्षेत्रीय भाजपा के जनप्रतिनिधियों का करीबी बताया जा रहा है जिसके दम पर वो गरीब महिला को परेशान करता था। बहरी पुलिस ने महिला की शिकायत पर सामान्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जबकि वीडियो में साफ-साफ दिख रहा है कि आरोपी दबंग महिला को पहले डंडे से इसके बाद लात घूंसे से पिटाई कर रहा है।
इंसानियत शर्मसार होती रही, लोग तमाशबीन बने रहे
बहरी में एक महिला को सरेआम लाठी से पीटा गया। चारों तरफ लोग खड़े थे, इंसान कहलाने वाले, लेकिन उनकी इंसानियत मर चुकी थी। मारने वाला सिर्फ एक अपराधी नहीं है, वो उस बीमार सोच का चेहरा है, जो आज खुलेआम महिलाओं पर हाथ उठाने की हिम्मत कर रही है। लेकिन उससे भी ज्यादा शर्मनाक वो लोग हैं, जो तमाशबीन बने रहे। कोई रोकने नहीं आया, कोई हाथ बढ़ाने नहीं आया, सबको बस तमाशा चाहिए था। क्या हम इतने कायर हो चुके हैं कि, अन्याय देखकर चुप खड़े रहना ही समझदारी लगने लगी है? जिस समाज में दरिंदगी सरेआम हो और लोग मूक दर्शक बने रहें, उसे क्या कहेंगे? आखिर हम किस ओर जा रहे हैं? जंगल की तरफ या कब्र की तरफ? आज एक महिला पिटी है, कल यही भीड़ किसी और को पिटते देखेगी, और परसों शायद फिर कोई बहन, बेटी या माँ होगी। यह सिर्फ मारपीट नहीं थी। यह इंसानियत की सार्वजनिक हत्या थी और इसमें दोषी सिर्फ मारने वाला नहीं, चुप खड़ी भीड़ भी उतनी ही गुनहगार है।
अब भी अगर चुप रहे, तो याद रखना, अपराध करने वालों से ज्यादा खतरनाक अपराध देखने वाले होते हैं। अब हमें यह तय करना है कि, इंसान बनना है, या अगला तमाशबीन?
पुलिस की लापरवाही का परिणाम : कमलेश्वर
इस मामले को लेकर पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने इस घटना की निंदा करते हुए बहरी थाना के कार्य प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि विगत 15 वर्षों से पीड़िता का पति गोमती रखकर अपना जीवकोपार्जन कर रहा था लेकिन आरोपी संतोष पाठक के द्वारा 3 महीना पहले उसकी गोमती तोड़कर आरोपी की गोमती रखवा दी गई थी जबकि पीड़िता हर अधिकारियों चक्कर लगाकर आरजू मिन्नत कर चुकी थी लेकिन किसी ने नहीं सुनी और आज इतनी बड़ी घटना आरोपी ने अंजाम दिया है। इस मामले को लेकर पुलिस की निष्क्रियता सामने आई है क्योंकि घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी लगातार फेसबुक लाइव के माध्यम से अपनी सफाई पेश कर रहा है और पुलिस को ढूंढने पर नहीं मिल रहा है। पीड़ित महिला न्याय के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के चक्कर लगा रही।
'लाड़ली बहना' की हकीकत दयनीय
इस घटना पर मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह दादू ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि- अराजक सरकार के संरक्षण में मध्यप्रदेश की सिहावल विधानसभा में सत्ताधारियों का संरक्षण प्राप्त दबंग संतोष पाठक सरेआम एक महिला को बर्बरता से पीटते नजर आ रहा है। यही है वो भाजपा, जो वोट के लिए मंचों पर बालिकाओं को पूजने का ढोंग करती है, और जमीनी स्तर पर इसी पार्टी के नेताओं के संरक्षण प्राप्त दबंग लोग महिलाओं सरे आम पीटते रहते हैं। मोहन जी, आप क्या अब भी इस घटना की जिम्मेदारी से बचेंगे? अगर सत्ता में रत्ती भर भी नैतिकता शेष है, तो संतोष पाठक पर तुरंत प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए।
भाजपा के राज में महिलाओं की सुरक्षा है तार-तार : रीना
जिले के बहरी में एक दबंग द्वारा सरेआम एक महिला के साथ की गई मारपीट की घटना पर मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस उत्पीड़न प्रकोष्ठ की महासचिव रीना सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना कोई अपवाद नहीं, बल्कि प्रदेश भर में महिलाओं पर हो रहे बढ़ते अत्याचारों की कड़ी का एक और शर्मनाक उदाहरण है। रीना सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार में महिलाएं कहीं सुरक्षित नहीं हैं। रोज कहीं मारपीट, कहीं दुष्कर्म, कहीं उत्पीड़न की घटनाएं सामने आ रही हैं और सत्ता के संरक्षण में बैठे दबंग कानून को ठेंगा दिखा रहे हैं। बहरी की घटना ने साफ कर दिया है कि भाजपा का ह्ललाड़ली बहनाह्व का नारा केवल वोट बटोरने का हथकंडा है, जमीनी सच्चाई इसके ठीक उलट है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो महिला कांग्रेस प्रदेशव्यापी आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।
भाजपा सरकार में महिला सुरक्षा के दावों की खुली पोल : ज्ञान
बहरी में दबंग संतोष पाठक द्वारा सरेआम एक महिला के साथ की गई मारपीट की घटना को जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने अत्यंत निंदनीय, शर्मनाक और लोकतांत्रिक मूल्यों को कलंकित करने वाली बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि भाजपा द्वारा महिलाओं के सम्मान को लेकर किए जा रहे खोखले दावों की पोल भी खोलती है। ज्ञान सिंह ने इस गंभीर घटना पर तीखा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी, आप प्रदेश के मुखिया हैं- क्या आपके राज में यही कानून-व्यवस्था है? क्या सत्ताधारी नेताओं का संरक्षण मिलने से दबंग लोग खुद को कानून से ऊपर समझने लगे हैं? उन्होंने कहा कि यह घटना किसी एक महिला पर हमला भर नहीं है, बल्कि यह भाजपा के महिला सम्मान के दावों पर करारा तमाचा है। ज्ञान सिंह ने मांग की कि आरोपी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त धाराओं में कार्रवाई की जाए, उसकी राजनीतिक संरक्षण की जांच हो।


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रीवा में नीट यूजी परीक्षा के दौरान सख्ती इतनी रही कि छात्राओं को फुलिया उतरवाने के लिए सुनार बुलाना पड़ा। जूते, गहने और कई वस्तुएं बाहर रखवाकर ही परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया गया।
विंध्य विकास प्राधिकरण में नियुक्तियों के बाद भाजपा में खुशी के साथ असंतोष भी दिखा। समर्पित कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित मान रहे हैं, जबकि बिना कार्यालय और बजट के विकास कार्यों पर सवाल उठ रहे हैं।
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सीधी जिले में एनएच-39 पर युवक को वाहन ने टक्कर मारकर फिर कुचल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने हत्या जैसे आरोप लगाए हैं, जबकि चालक बिना लाइसेंस बताया जा रहा, पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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सतना जिले में ट्रेन और सड़क हादसों में तेंदुओं की मौत से वन्यजीव सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। मैहर में तेंदुए की मौजूदगी से दहशत, जबकि अवैध शिकार मामले में चार आरोपी गिरफ्तार किए गए।
जौनपुर जंक्शन पर यार्ड रिमॉडलिंग के चलते 4 से 27 मई तक 13 ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं। गोंदिया-बरौनी और ताप्ती गंगा एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें प्रभावित रहेंगी, यात्रियों को परेशानी होगी।
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