मध्य प्रदेश का स्लीमनाबाद टनल प्रोजेक्ट बनकर तैयार। सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया निरीक्षण। 6 जिलों के 1450 गांवों को मिलेगा सिंचाई का लाभ। जानें इस इंजीनियरिंग चमत्कार की खासियत।

कटनी। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश के विकास के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। कटनी जिले में स्थित स्लीमनाबाद टनल प्रोजेक्ट अब बनकर लगभग तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार, 17 जुलाईको इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निरीक्षण किया। यह टनल न केवल भारत की सबसे बड़ी टनल परियोजनाओं में से एक है, बल्कि यह विंध्य और महाकौशल क्षेत्र की तस्वीर बदलने के लिए तैयार है। यह परियोजना छह जिलों के 1450 गांवों के लिए जीवनदायिनी साबित होगी।

इस टनल का निर्माण आधुनिक तकनीक और सुरक्षा के उच्चतम मानकों के साथ किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यह टनल इंजीनियरिंग का एक अद्भुत चमत्कार है। इसकी मजबूती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह टनल अगले 100 सालों तक पूरी तरह सुरक्षित रहेगी और भीषण भूकंप का भी इस पर कोई असर नहीं होगा। टनल की गहराई कई स्थानों पर जमीन से 120 फीट नीचे तक है, जो इसकी मजबूती को और अधिक सुनिश्चित करती है।

इस परियोजना की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि यह नर्मदा नदी के पानी को गंगा बेसिन क्षेत्र तक पहुँचाएगी। जहाँ नर्मदा नदी का प्राकृतिक प्रवाह खंभात की खाड़ी की ओर है, वहीं यह टनल विज्ञान के माध्यम से सोन नदी के आसपास के अंचल को हरा-भरा करेगी। इस परियोजना से जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना जिलों की लगभग 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि को स्थायी सिंचाई की सुविधा प्राप्त होगी। इससे क्षेत्र के लाखों किसानों की आय बढ़ेगी और कृषि का रकबा विस्तार पाएगा।

स्लीमनाबाद टनल का सफर चुनौतियों भरा रहा है। वर्ष 2015 तक केवल 1406 मीटर टनल की खुदाई हो पाई थी, जिसके बाद इसकी गति बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की गई। वर्ष 2016 में जर्मनी से मंगाई गई अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीन (TBM) का उपयोग किया गया। 8 घंटे की तीन शिफ्टों में निरंतर चले काम और इंजीनियरों व तकनीकी विशेषज्ञों की कड़ी मेहनत के बाद, 2026 में इस प्रोजेक्ट को पूर्णता की ओर ले जाने में सफलता मिली है। इस परियोजना की कुल लागत में से लगभग 275 करोड़ रुपये की सहायता केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्षेत्र के किसानों से विशेष आग्रह किया है कि वे किसी भी स्थिति में अपनी जमीन न बेचें। उन्होंने विश्वास जताया कि सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने के बाद यह क्षेत्र कृषि उत्पादन में पंजाब और हरियाणा जैसे विकसित राज्यों को भी पीछे छोड़ देगा। इससे क्षेत्र से पलायन की समस्या समाप्त होगी और आर्थिक समृद्धि आएगी। इसके साथ ही, कई स्थानों पर इस परियोजना के माध्यम से बिजली उत्पादन भी किया जाएगा, जो इसे बहुआयामी बनाता है।
मध्य प्रदेश का स्लीमनाबाद टनल प्रोजेक्ट बनकर तैयार। सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया निरीक्षण। 6 जिलों के 1450 गांवों को मिलेगा सिंचाई का लाभ। जानें इस इंजीनियरिंग चमत्कार की खासियत।
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