मैहर में सेंट माइकल स्कूल पर अभिभावकों को ड्रेस और किताबें खरीदने को मजबूर करने की शिकायत साबित होने पर शिक्षा विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी कर दो लाख जुर्माने की चेतावनी दी है

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
निजी स्कूलों की मनमानी पर आखिरकार शिक्षा विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मैहर जिले के सेंट माइकल सीनियर सेकेंड्री स्कूल सोनवारी को ड्रेस और किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों पर दबाव डालने के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत की जांच के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन पर 2 लाख रुपए की शास्ति लगाने की चेतावनी दी है। शिकायतकर्ता विकास पांडेय ने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत में आरोप लगाया था कि स्कूल प्रबंधन बच्चों के अभिभावकों पर स्कूल से ही ड्रेस और किताबें खरीदने का दबाव बनाता है। इतना ही नहीं, अभिभावकों को एक तय दुकान से सामान खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है, जिससे उन पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
10 अभिभावकों ने दिए बयान
जांच के दौरान मौजूद 10 अभिभावकों ने भी कथित तौर पर यह स्वीकार किया कि उन्हें महंगी किताबें और ड्रेस स्कूल से लेने या फिर निर्धारित दुकान से खरीदने के लिए मजबूर किया गया। जांच में बुक पेमेंट से जुड़ा बैंक डिटेल भी संलग्न किया गया है, जिसमें श्री ज्यूस बेंजमिन के खाते में भुगतान होने का उल्लेख किया गया है।
जांच में सामने आई स्कूल की मनमानी
इस शिकायत की जांच के लिए गठित दल ने जब स्कूल में पड़ताल की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच अधिकारी प्राचार्य सांदीपनी शासकीय उमावि मैहर और प्राचार्य शासकीय हाईस्कूल मैहर द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में यह स्पष्ट किया गया कि संस्था द्वारा अभिभावकों पर ड्रेस और पुस्तकें खरीदने का दबाव डाला जा रहा था। जांच के दौरान स्कूल परिसर में किताबों के बंडल भी रखे मिले, जिससे यह संदेह और मजबूत हो गया कि स्कूल सीधे तौर पर किताबों के वितरण और बिक्री से जुड़ा हुआ था।
नियमों का खुला उल्लंघन
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अनुसार, स्कूल का यह कृत्य मध्यप्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा अन्य संबंधित विषयों का विनियमन) अधिनियम 2017 की धारा 6 और 9 तथा नियम 2020 के नियम 6(ग) का सीधा उल्लंघन है। शिक्षा विभाग ने माना है कि स्कूल की इस प्रक्रिया से अभिभावकों पर अत्यधिक आर्थिक दबाव पड़ा है और यह शासन के स्पष्ट निर्देशों के खिलाफ है।
नहीं तो होगी कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न संस्था पर 2 लाख रुपए की शास्ति अधिरोपित की जाए, साथ ही स्कूल को तीन दिन के भीतर अपना प्रतिवाद प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में साफ कहा गया है कि यदि समयसीमा में जवाब नहीं मिला या जवाब असंतोषजनक पाया गया, तो प्रस्तावित दंडात्मक कार्रवाई कर दी जाएगी।


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