मध्यप्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और बाढ़ के हालात। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी 30 फीट उफान पर, बाणसागर डैम के गेट खुले। सीएम मोहन यादव ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। जानें ताजा अपडेट।
मध्यप्रदेश के सतना, चित्रकूट, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में लगातार बारिश से बाढ़ जैसे हालात। मंदाकिनी नदी उफान पर, पुल बहा, ट्रेनें प्रभावित और एसडीआरएफ का रेस्क्यू जारी।
चित्रकूट में बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर घटने लगा है। बाबूपुर में जलभराव की समस्या दूर की गई। प्रशासन ने पुल-रपटों से दूरी, जलभराव में सेल्फी रोकने और सुरक्षित रहने की अपील की।
सतना और चित्रकूट में लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। चरवाहे के बहने की खबर से रेस्क्यू जारी है। गुप्त गोदावरी बंद कराई गई, जबकि करौंदी गांव में ग्रामीण जोखिम लेकर नदी पार कर रहे हैं।
चित्रकूट में कामदगिरि परिक्रमा पथ, मंदाकिनी घाट और सड़क निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहे हैं। अधूरे निर्माण से श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है, जबकि गुणवत्ता और कार्य प्रगति पर भी सवाल उठ रहे हैं।
चित्रकूट में पहली बारिश के दौरान गऊघाट के पास सीवर मैनहोल ओवरफ्लो हो गया। दूषित पानी मंदाकिनी नदी में पहुंचने से नदी संरक्षण, स्वच्छता व्यवस्था और सीवर परियोजना की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
चित्रकूट में चल रही करीब 2800 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की रीवा संभागायुक्त ने समीक्षा की। धार्मिक, पर्यटन और अधोसंरचना विकास से जुड़े कार्यों को मार्च 2026 तक गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए, साथ ही साप्ताहिक मॉनिटरिंग और रेड जोन व्यवस्था लागू होगी।
दिनेश मकवाना आत्महत्या मामले में बड़ा एक्शन। वायरल वीडियो में रिश्वत के आरोप के बाद देवास की आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित निलंबित। CM मोहन यादव ने जताई नाराजगी।
चित्रकूट की पवित्र मंदाकिनी नदी, जहाँ प्रभु श्रीराम ने वनवास काल बिताया, आज अतिक्रमण और प्रदूषण से कराह रही है। एनजीटी के निर्देशों के बावजूद प्रशासनिक लापरवाही और अवैध निर्माण से मंदाकिनी का अस्तित्व खतरे में है। संत समाज नाराज है और संरक्षण की मांग उठा रहा है।
चित्रकूट में संत समाज ने नगर की उपेक्षा और अधूरे विकास कार्यों पर नाराजगी जताई। बैठक में संतों ने मंदाकिनी नदी को गंदगी से बचाने के लिए सीवर योजना शीघ्र पूर्ण कराने, दीपावली से पहले सड़क और नाली निर्माण पूरा करने, मल्टीलेवल पार्किंग बनाने और धार्मिक संस्थाओं में प्रशासनिक दखल पर रोक लगाने की मांग की। सांसद गणेश सिंह और विधायक सुरेंद्र गहरवार ने संतों को आश्वासन दिया कि समस्याओं का समाधान जल्द होगा।






















