रीवा के संजय गांधी अस्पताल में खून की भारी किल्लत। थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे 10–15 दिनों से भर्ती, ब्लड न मिलने से जान का खतरा।
रीवा के सगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत लौवा बाजार में रविवार दोपहर एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई। एक तेज रफ्तार मैजिक वाहन और बाइक के बीच हुई आमने-सामने की टक्कर में बाइक सवार पिता-पुत्री की जान चली गई, जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हैं।
रीवा के समान थाना अंतर्गत पोखरी टोला में 35 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर अनुज दुबे ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या का प्रयास किया। संजय गांधी अस्पताल में इलाज जारी। पुलिस जांच में जुटी।
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में मरीजों और परिजनों को लिफ्ट की भारी समस्या झेलनी पड़ रही थी। 11 में से सिर्फ 4 लिफ्ट चालू थीं, जिनमें भी आए दिन खराबी आती थी। अब डीएमएफ मद से 1 करोड़ की लागत से 4 नई पैसेंजर-कम-स्ट्रेचर लिफ्ट लगाई जा रही हैं। गुजरात की कंपनी को काम मिला है और 2 अक्टूबर से दो लिफ्ट शुरू हो जाएंगी।
रीवा के संजय गांधी अस्पताल सहित विंध्य क्षेत्र के प्रमुख अस्पतालों में पीएसए यूनिट वर्षों से बंद पड़ी है। मरीजों को केवल लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (LMO) से सप्लाई दी जा रही है, जिस पर हर माह लगभग 20 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। जबकि पीएसए प्लांट चालू होने पर खर्च पांच लाख से भी कम आता।
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में 20 वर्षों से एक ही ठेकेदार द्वारा संचालित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की असलियत सामने आई है। करोड़ों की मशीनें होते हुए भी मरीजों को बिना शुद्धिकरण के खारा पानी पिलाया जा रहा है। गंदगी से घिरे प्लांट, टंकियों में जमी सफेद परत और प्रशासन की अनदेखी ने मरीजों की सेहत को गंभीर खतरे में डाल दिया है। अब जांच और कार्रवाई की बात हो रही है।
रीवा का संजय गांधी अस्पताल गंभीर अव्यवस्थाओं का शिकार है। मरीजों की चीखें, परिजनों की गुहार और डॉक्टरों की बेरुखी मिलकर बनाते हैं दर्द की दास्तान। रात में इलाज के बजाय डॉक्टर निजी क्लिनिक में व्यस्त, अस्पताल प्रशासन लाचार।



















