सतना जिला अस्पताल में 24 घंटे में तीन गर्भस्थ शिशुओं की मौत और छह माह में 14 मातृ मृत्यु के बाद स्वास्थ्य विभाग ने समीक्षा बैठक बुलाई है। उपचार, रेफरल, संसाधनों और व्यवस्थाओं की जांच होगी।
सतना जिला अस्पताल में मैहर से रेफर प्रसूता ने मृत बच्चे को जन्म दिया, इसके बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि अस्पताल ने जांच और पोस्टमार्टम कराया।
सतना जिला अस्पताल से कंगारू मदर प्रोजेक्ट शुरू होगा। दिल्ली-भोपाल की विशेषज्ञ टीम ने मातृ-शिशु सेवाओं, प्रसव कक्ष और एसएनसीयू का निरीक्षण किया। रिकॉर्ड के आधार पर भी व्यवस्थाओं और सेवाओं की गुणवत्ता परखी जाएगी।
बारिश थमने के बाद सतना में जलजनित और संक्रामक बीमारियां बढ़ीं तो जिला अस्पताल में 1610 मरीज पहुंचे और 174 गंभीर मरीज भर्ती हुए। वार्डों में बेड कम पड़े और आईसीयू का एसी बंद रहा।
सतना जिला अस्पताल के आईसीयू में 60 वर्षीय महिला की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। वेंटीलेटर और मॉनीटर काम नहीं करने तथा बिजली आने-जाने के आरोप लगाए गए, पुलिस ने पहुंचकर मामला शांत कराया।
सतना जिला अस्पताल प्रबंधन ने ऑपरेशन, नवजात देखभाल, हृदय जांच, सोनोग्राफी, एक्स-रे और फिजियोथेरेपी सहित विभिन्न विभागों के लिए 2.64 करोड़ रुपए के उपकरण मांगे हैं, सांसद से उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
सतना जिला अस्पताल में प्रसव के बाद 32 वर्षीय प्रसूता की मौत से परिजनों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए चिकित्सकों और स्टाफ पर जांच की मांग की।
सतना जिला अस्पताल में रविवार को छह घंटे बिजली बंद रहने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं। ब्लड बैंक की ऑनलाइन व्यवस्था ठप रही और परिजन घंटों कतार में खड़े रहे। बैकअप व्यवस्था पर सवाल उठे।
सतना जिला अस्पताल की मर्चुरी में कंकाल के पोस्टमार्टम के दौरान दो स्कूली छात्राओं की मौजूदगी का मामला सामने आया। मेडिकल कॉलेज डीन ने पोस्टमार्टम विभागाध्यक्ष को नोटिस देकर पूरी प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण मांगा।
सतना जिला अस्पताल में उमस और वायरल संक्रमण के चलते मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वार्ड क्षमता से अधिक भर चुके हैं, प्लेटलेट्स गिरने के मामले सामने आ रहे हैं तथा मलेरिया का दुर्लभ पीवी पॉजिटिव मरीज मिला।






















