मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुना में अडाणी समूह की सीमेंट इकाई का भूमि पूजन किया। 1060 करोड़ के इस प्रोजेक्ट से 1500 युवाओं को रोजगार मिलेगा और गुनिया नदी का कायाकल्प होगा
पन्ना जिले में जेके सीमेंट पर सरकारी और निजी जमीन पर अवैध उत्खनन के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने कार्रवाई मांगी, लेकिन शिकायतकर्ता को नोटिस मिलने से प्रशासन पर सवाल उठे हैं।
सतना में 3600 एकड़ कृषि भूमि डालमिया सीमेंट को लीज पर देने के प्रस्ताव पर प्रशासन और किसान नेताओं की बैठक हुई। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि किसानों की सहमति बिना जमीन नहीं दी जाएगी और प्रक्रिया भू-अधिग्रहण कानून 2013 के तहत होगी।
सतना और मैहर जिले में 3600 एकड़ जमीन डालमिया सीमेंट को लीज पर देने के विरोध में किसानों ने ट्रैक्टर रैली और महापंचायत की। किसानों ने कहा सहमति के बिना एक इंच जमीन नहीं देंगे।
सतना के भरहुत नगर स्थित अडानी सीमेंट कार्यालय के बाहर रविवार को बेरोजगारी का दर्द साफ नजर आया। सीधी भर्ती के लिए बुलाए गए सैकड़ों युवा सुबह से लाइन में खड़े रहे, लेकिन अव्यवस्थित व्यवस्था के चलते हालात बेकाबू हो गए। कटनी, मैहर और पन्ना सहित आसपास के जिलों से आए युवाओं ने नौकरी की उम्मीद में घंटों इंतजार किया।
सीहोर के एमसीबी चौराहा स्थित सरिया-सीमेंट कारोबारी के यहां स्टेट जीएसटी टीम ने दी दबिश। स्टॉक और दस्तावेजों की सघन जांच के साथ घर पर भी सर्चिंग जारी।
मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के थाना जावर अंतर्गत इंदौर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर पटेल ढाबे के पास देर रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। सीमेंट से भरा एक ट्राला अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि ट्राले के केबिन में चालक बुरी तरह दब गया।
रीवा के सिरमौर चौराहे स्थित रतन किराना स्टोर पर जीएसटी एंटी एवेशन विंग सतना और रीवा की संयुक्त टीम की बड़ी कार्रवाई। किराना दुकान की आड़ में सीमेंट का करोड़ों रुपये का गुप्त कारोबार चल रहा था। घर और दुकान दोनों जगह छापेमारी, दस्तावेज जब्त, करोड़ों की टैक्स चोरी उजागर होने की संभावना।
प्रिज्म जानसन सीमेंट फैक्ट्री (Prism Johnson) पर जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई। 16 सदस्यीय टीम ने दस्तावेज खंगाले और सर्वे शुरू किया। जानें क्या हैं अनियमितताओं के आरोप।
सतना जिले में सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अंतर्गत अनुदान संग्रहण का लक्ष्य 13.55 लाख था, लेकिन 4 अगस्त तक केवल 3.77 लाख ही इकट्ठा हो सके। जिला प्रशासन, सीमेंट फैक्ट्रियां और स्मार्ट सिटी जैसी बड़ी संस्थाएं भी मदद से दूर रहीं। पुलिस, एसडीएम, सीईओ, सीएमओ तक ने सहयोग नहीं किया।






















