अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच का दायरा अब और बढ़ गया है। एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं। अभी एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी है। जिसमें कई और नाम सामने आने की संभावना बढ़ गई है। दरअसल, ट्रस्ट के पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा को आरोपी बनाने की तैयारी है।
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के प्रकरण ने देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था को झकझोर कर रख दिया। चोरी की घटना के बाद देशभर में बड़े मंदिर प्रबंधन ने सबक लेते हुए व्यवस्थाओं में बदलाव की शुरुआत कर दी है।
अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। इस केस की जांच कर रही टीमों ने अयोध्या में रहने वाले सभी आरोपियों के घरों पर छापेमारी की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अपनी जांच में तेजी ला रही है, ताकि इस पूरे मामले से जुड़े तथ्यों का पूरी तरह खुलासा हो सके।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के खुलासे के 19 दिन बाद और जांच के लिए गठित एसआईटी की सिफारिश के दो दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई। सभी पर साजिश के तहत धोखाधड़ी कर चढ़ावा राशि चोरी करने का आरोप है। पुलिस ने टिन्नू समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित विधानसभा के सेंट्रल हॉल में आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कैलाश नाथ काटजू की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर कई विधायक और विधानसभा के अधिकारी मौजूद रहे।
बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टीएमसी में टूट के बाद अब महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसद एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना का समर्थन करने जा रहे हैं। इधर, शिवसेना ने बुधवार को कहा- राजनीति पूरी तरह से अनिश्चित हो गई है।
पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में करारी हार ने तृणमूल कांग्रेस को खत्म करने की कगार पर पहुंचा दिया है। ममता बनर्जी के 80 विधायकों में से 58 विधायकों ने अपना अलग गुट तैयार कर लिया और उसके बाद दिल्ली में भी करीब 20 सांसद टीएमसी से अलग हो गए।
पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों के बाद ममता बनर्जी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर 'वोट लूट' का आरोप लगाया है। जानें इस्तीफे की पेशकश और हार की समीक्षा के लिए बनी 10 सदस्यीय टीम की पूरी जानकारी।
हिंदू नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, विक्रम संवत 2083 और गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर दिन की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए भारतीय संस्कृति और उज्जैन की गौरवशाली परंपरा को याद किया।





















