इसरो चेयरमैन वी नारायणन ने कहा कि गगनयान मिशन के तहत इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने से पहले 3 अनक्रूड मिशन लॉन्च किए जाएंगे। जानें मिशन की सुरक्षा और नई तकनीकों के बारे में।
आर्टेमिस-2 ने 4,06,773 किमी की दूरी तय कर इतिहास रच दिया है। जानें 7 अप्रैल 2026 को होने वाले इस लूनर फ्लाईबाई और स्पेसएक्स के स्टारशिप लैंडर के बारे में पूरी जानकारी।
इसरो के PSLV-C62 मिशन में तकनीकी गड़बड़ी। श्रीहरिकोटा से लॉन्च हुए 'भारत के सीसीटीवी' अन्वेषा (EOS-N1) और 14 अन्य उपग्रहों के प्रक्षेपण के दौरान तीसरे चरण (PS3) में खराबी आने से मिशन प्रभावित हुआ।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने घोषणा की है कि अंतरिक्ष पर मौजूद कुछ अंतरिक्षयात्री एक स्वास्थ्य समस्या की वजह से जल्दी पृथ्वी पर लौटेंगे। यह अंतरिक्ष के इतिहास में पहली बार ऐसा नियोजित मेडिकल इवैक्यूएशन है। एस्ट्रोनॉट स्थिर है, लेकिन नासा ने फैसला लिया है कि जोखिम से बचने के लिए उन्हें वापस लाना बेहतर है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने एक बार फिर दुनिया को अपनी ताकत और भरोसे का एहसास करा दिया है। कम बजट, सटीक तकनीक और बड़ी जिम्मेदारी के साथ इसरो ने आज सुबह इतिहास रचते हुए अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट से अमेरिका का अगली पीढ़ी का कम्युनिकेशन सैटेलाइट सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में पहुंचा दिया।
भोपाल के नेहरू नगर में 45 वर्षीय एमबीए युवक आयुष मेहता ने मानसिक संतुलन बिगड़ने के कारण आत्महत्या कर ली। वह लंबे समय से अंतरिक्ष और नासा जाने की बातें कर रहा था।
इसरो 15 दिसंबर-2025 को श्रीहरिकोटा से अपना सबसे भारी अमेरिकी कॉमर्शियल कम्युनिकेशन सैटेलाइट 6.5 टन वजनी ब्लू-बर्ड-6 लॉन्च करेगा। यह लॉन्चिंग से भारत और अमेरिका के बीच अंतरिक्ष सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
अंतरिक्ष में फंसे चीन के तीन एस्ट्रोनॉट्स जल्द ही धरती पर वापस लौटेंगे। अंतरिक्ष मिशन के दौरान इनके यान से अंतरिक्ष के मलबे का एक टुकड़ा टकरा गया था। अब नया क्रू अंतरिक्ष भेजा जा रहा है और उनके यान में ये अंतरिक्ष यात्री धरती पर वापस लौटेंगे।
अंतरिक्ष यात्रा से लौटे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला आज सोमवार को अपने गृहजनपद पहुंचे। एयरपोर्ट पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने उनका स्वागत किया। वहीं हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने हाथों में तिरंगा और भारत माता की जय के नारों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया।
एनसीईआरटी बच्चों को भारत की रक्षा रणनीति और कूटनीतिक प्रतिक्रिया के बारे में जानने में मदद करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर पर एक विशेष कक्षा मॉड्यूल विकसित कर रहा है। इस मॉड्यूल के दो भाग होंगे।हालांकि अभी इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।






















