रीवा में पापुलर गैस एजेंसी के गोदाम में अवैध रिफिलिंग का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें सिलेंडरों से गैस चोरी कर ब्लैक में बेचने का खुलासा हुआ, प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल उठे हैं।
मध्य प्रदेश के छतरपुर में खाद वितरण के दौरान बड़ा विवाद! नायब तहसीलदार नीतू सिंघई पर एक युवती को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है, जिसने खाद की कालाबाजारी और टोकन न मिलने की शिकायत की थी। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने नायब तहसीलदार को सेवा आचरण के उल्लंघन पर नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
मध्य प्रदेश के गुना ज़िले में खाद के लिए लाइन में लगी आदिवासी महिला भुरिया बाई की दुखद मौत हो गई। प्रशासन ने ₹2 लाख की सहायता की घोषणा की है, जबकि कांग्रेस विधायक ने खाद की कालाबाजारी का आरोप लगाया है।
रायपुर कर्चुलियान ब्लॉक के पड़रिया गांव में खाद की कालाबाजारी पकड़ी गई, जहां दुकान संचालक 560 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से यूरिया बेच रहा था। नायब तहसीलदार की कार्रवाई में दुकान सीज कर दी गई। वहीं गंगेव में भी 500 रुपये प्रति बोरी की दर से यूरिया बेच दी गई, जिससे किसानों में आक्रोश है।
सतना जिले में खाद की किल्लत के बीच कालाबाजारी का मामला सामने आया है। कोठी के सोनी ट्रेडर्स द्वारा किसानों से यूरिया की एक बोरी 500 रुपए में बेचने की शिकायत पर प्रशासन ने दुकान सीज कर दी और लाइसेंस निरस्त करने का प्रस्ताव भेजा। एसडीएम और तहसीलदार की मौजूदगी में कार्रवाई हुई।
सतना जिले में खाद की भारी किल्लत से किसान हलाकान हैं। टोकन मिलने के बाद भी किसानों को केवल दो-दो बोरी खाद मिल रही है। नाराज किसानों ने मार्कफेड गोदाम के सामने खाद से लदे ट्रकों को रोककर हंगामा किया और सतना-चित्रकूट मार्ग बाधित कर दिया। पूर्व विधायक कल्पना वर्मा ने ज्ञापन सौंपकर प्रशासन पर लापरवाही व किसानों पर झूठे मुकदमे दर्ज करने का आरोप लगाया।
सिंगरौली जिले के ठरकठैला गांव में पुलिस और तहसीलदार की संयुक्त कार्रवाई में 168 बोरी अवैध यूरिया खाद बरामद की गई। खाद की कालाबाजारी से किसान परेशान होकर सड़क पर उतरे और बरका तिराहा मार्ग जाम कर दिया। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कलेक्टर से बातचीत कर सोमवार से किसानों को खाद वितरण का भरोसा दिलाया।
सिंगरौली के बैढ़न ब्लॉक के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद तिवारी पर बीज वितरण में भ्रष्टाचार और कालाबाजारी के गंभीर आरोप लगे हैं। जनपद सदस्य पारसनाथ प्रजापति ने शिकायत की है कि क्षेत्र के किसानों को मुफ्त बीज नहीं मिला, जबकि नेताओं और दलालों को लाभ पहुंचाया गया। मामले की जांच और कार्रवाई की मांग उठ रही है।
सतना जिले में खरीफ सीजन के दौरान खाद की किल्लत से किसान परेशान हैं। रातभर लाइन में खड़े रहने के बावजूद किसानों को खाद नहीं मिली, केवल टोकन दिया गया। नाराज किसानों ने नागौद में एनएच-39 पर जाम लगाकर विरोध जताया। कालाबाजारी और प्रशासनिक लापरवाही पर किसानों का गुस्सा भड़का।
सतना जिला अस्पताल की दोनों प्लेटलेट्स मशीनें एक सप्ताह से खराब हैं। भोपाल से आए इंजीनियर भी मशीन सुधारने में नाकाम रहे, अब दिल्ली से टेक्नीशियन आएंगे। इस तकनीकी गड़बड़ी का फायदा निजी अस्पताल उठा रहे हैं, जहाँ मरीजों से तय दर से ज्यादा वसूली हो रही है।






















