देश में अभी भी बारिश-बाढ़ का कहर जारी है। सबसे ज्यादा प्रभावित पंजाब, राजस्थान, हिमाचल और उत्तर प्रदेश है। इन राज्यों में कई लोगों की मौत हो चुकी है। कई लापता हैं। लाखों लोगों के घर डूब गए हैं। हर जगह पानी ही पानी नजर आ रहा है। हालात ये हो गए हैं कि प्रभावति लोगों ने अब पलायन शुरू कर दिया है। निचले इलाके जलमग्न हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे इस दौरान हवाई सर्वेक्षण कर नुकसान का जायजा लेंगे। वहीं, अभिनेता सोनू सूद भी पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के लिए पहुंचे हैं। दरअसल, इन दिनों पूरा पंजाब भयावह बाढ़ का चपेट में है, चारों ओर पानी-पानी नजर आ रहा है।
देशभर में बारिश और बाढ़ का कहर जारी है। लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश से सबसे ज्यादा देश की राजधानी दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश प्रभावित हुए हैं। अब हालात इतने विकराल हो गए हैं कि लोगों को बचाने के लिए सेना के जवानों को उतारना पड़ा है।
देशभर में बारिश-बाढ़ का कहर जारी है। कई राज्यों में गांव के गांव डूब गए हैं। चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है। प्रभावित लोग पलायन को मजबूर हो गए हैं। सब छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की ओर भागना शुरू कर दिया है। वहीं सेना और राज्य सरकारें राहत और बचाव कार्य में दिन रात जुटी हैं।
देशभर में बारिश-बाढ़ का कहर टूट पड़ा है। लोगों का जीना मुहाल हो गया है। चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। निचली बस्तियां तो पूरी तरह से जल मग्न हो गई है। कुछ राज्यों के जिलों में पलायन के हालात निर्मित हो गए हैं। इधर, राजस्थान के कई जिलों में इस समय कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है।
रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज से जुड़े सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एक महीने में चार डॉक्टरों ने इस्तीफा दिया है। डीन डॉ. सुनील अग्रवाल के कार्यकाल में बदइंतजामी, संसाधनों की कमी और तानाशाही रवैये के कारण डॉक्टर परेशान हैं। ओपन हार्ट सर्जन डॉ. राकेश सोनी का इस्तीफा गंभीर चिंता का विषय।
मानसूनी बारिश का सबसे ज्यादा कहर उत्तर प्रदेश में दिख रहा है। राज्य में जल कर्फ्यू के हालात निर्मित हो गए हैं। हालांकि सरकार भी राहत-बचाव कार्य में तेजी से जुटी है। कई जिलों में तो नाव चल रही हैं। दरअसल, उत्तर प्रदेश के तेज बारिश के कारण 12 जिलों में बाढ़ के हालात हैं।
रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और संजय गांधी अस्पताल से तीन डॉक्टरों के इस्तीफे ने स्वास्थ्य व्यवस्था को बड़ा झटका दिया है। यूरोलॉजी विभाग के डॉ विवेक शर्मा और डॉ विजय शुक्ला ने नोटिस देकर अस्पताल छोड़ने का निर्णय लिया है। वहीं संजय गांधी अस्पताल की एक गायनेकोलॉजिस्ट ने भी नौकरी छोड़ निजी अस्पताल शुरू कर दिया है। डॉक्टरों की कमी से मरीजों की परेशानी और बढ़ने की आशंका।




















