सतना जिला अस्पताल के पीएनसी वार्ड में पुरुषों की भीड़ से प्रसूताओं की निजता और सुरक्षा खतरे में है। अव्यवस्था, गेट पास बंद और अटेंडरों की अनियंत्रित संख्या से संक्रमण और विवाद की आशंका बढ़ी।
सतना के मझगवां क्षेत्र में चार माह के जुड़वा बच्चे गंभीर कुपोषण का शिकार मिले। इलाज में देरी और सरकारी योजनाओं की कमी पर सवाल उठे, बच्चों को जिला अस्पताल के पीकू वार्ड में भर्ती किया गया।
सलमान खान ने राजपाल यादव के समर्थन में 'X' पर पोस्ट शेयर किया। स्क्रीन अवार्ड्स 2026 में राजपाल के चेक बाउंस मामले का मजाक उड़ाने पर सलमान ने होस्ट को दिया करारा जवाब।
भोपाल के मशहूर संगीतकार और बालश्री अवॉर्डी विवेक तिवारी ने फांसी लगाकर जान दी। सुसाइड नोट में नाबालिग मंगेतर पर दुष्कर्म के आरोप में फंसाने की बात कही। पढ़ें पूरी खबर।
सतना जिला अस्पताल की सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट में चूहों की धमाचौकड़ी का वीडियो वायरल हुआ है, जिससे नवजात शिशुओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं संक्रमित खून के मामले में ब्लड बैंक की जांच, अधिकारियों का निलंबन और नाको टीम की एंट्री से स्वास्थ्य व्यवस्था कटघरे में है।
दिल्ली नगर निगम के 12 वार्डों पर उपचुनावों के नतीजे आ गए हैं। दिल्ली में भाजपा सरकार बनने के बाद हुए इस पहले चुनाव में पार्टी को 2 सीटों का नुकसान हुआ है। वहीं, कांग्रेस अपना खाता खोलने में कामयाब रही है। इन 12 वार्डों में मतदान 30 नवंबर को हुआ था।
मध्यप्रदेश के बैतूल जिला अस्पताल में सुबह भोजनशाला के पास स्थित स्टोर रूम में अचानक आग लग गई। स्टोर रूम में सफाई का सामान और केमिकल रखा हुआ था जिससे धुंआ तेजी से कॉरिडोर और नीचे के वार्डों में भरने लगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल वुमेन हब के कार्यक्रम में कहा कि प्रदेश की 47% से अधिक स्टार्टअप में महिलाओं की हिस्सेदारी है और वे अब 'जॉब सीकर' नहीं, 'जॉब क्रिएटर' बन रही हैं। उन्होंने एमपी एक्सीलेंस अवार्ड-2025 प्रदान किए। जानें महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रदेश की प्रगति।
सेरेब्रल पाल्सी तंत्रिका तंत्र से जुड़ी एक गंभीर और दर्दनाक बीमारी है, जो गर्भावस्था के दौरान या जन्म के बाद भी हो सकती है। इस बीमारी में बच्चे का मस्तिष्क कमजोर हो जाता है, जिससे शरीर की कई नसें काम करना बंद कर देती हैं। सतना जिले के पीकू वार्ड में हर साल 100 से अधिक बच्चे इस बीमारी से पीड़ित होकर भर्ती किए जाते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, इसका कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन फिजियोथेरेपी बच्चों के जीवन में सुधार लाने का सबसे बड़ा सहारा है।
सतना जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड और पीकू वार्ड में हालात बेहद गंभीर हो चुके हैं। 30 बेड पर 68 बच्चों का इलाज चल रहा है। ब्रोंकाइटिस, वायरल फीवर, निमोनिया और टायफाइड जैसी बीमारियों से पीड़ित बच्चों को मजबूरी में फर्श पर लिटाकर इलाज करना पड़ रहा है। परिजन बेड शेयर करने को तैयार नहीं हैं, जबकि डॉक्टरों का कहना है कि रिकवरी में 5–6 दिन लगने से वार्ड खाली ही नहीं हो पा रहा।






















