हरियाली तीज व्रत और पूजा की संपूर्ण विधि विस्तार से जानिए। सुहागिनों के लिए अखंड सौभाग्य और कुंवारी कन्याओं के वर प्राप्ति के इस पर्व के नियम, कथा और महत्व के बारे में पंडित जी से समझें।
उज्जैन के बड़नगर में बुद्धेश्वर महादेव मंदिर को 1.31 करोड़ रुपये के नोटों से सजाया गया है। जानें इस अनूठी परंपरा और 2021 से अब तक के सफर के बारे में।
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में कार्तिक शुक्ल द्वादशी (रविवार) को भस्म आरती में हजारों श्रद्धालु पहुंचे। बाबा महाकाल का भांग से भव्य श्रृंगार, मस्तक पर सूर्य और बेलपत्र धारण कर भक्तों को दर्शन दिए। अंगारेश्वर महादेव को वैष्णव तिलक लगाया गया। जानें पूरा दिव्य श्रृंगार।
विश्व प्रसिद्ध उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में कार्तिक शुक्ल एकादशी के अवसर पर बाबा महाकाल का अलौकिक भस्म और भांग श्रृंगार किया गया। हजारों श्रद्धालु देर रात से दर्शन के लिए कतार में लगे। साथ ही, जानें देवउठनी एकादशी की तिथि, पारण का शुभ समय और महाकाल के आज के श्रृंगार की विशेषता।
कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी (धनतेरस) के शुभ अवसर पर, उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में छह दिवसीय दीपोत्सव का आध्यात्मिक और पारंपरिक रूप से आगाज हो गया है। बाबा महाकाल ने आज सुबह 4 बजे भस्म आरती के लिए भक्तों को दर्शन दिए
सतना जिले की उचेहरा तहसील के धनिया गांव के पास सात धाराओं के बीच खुले आसमान में विराजमान हैं भूतेश्वर महादेव। सावन के तीसरे सोमवार को यहां भक्तमंडल द्वारा 16 श्रृंगार किया जाता है। मान्यता है कि रात्रि में भूत-प्रेत महादेव की आराधना करते हैं, जिससे इनका नाम 'भूतेश्वर' पड़ा। बारिश में जलमग्न होकर भी शिवलिंग की महिमा कम नहीं होती।


















