मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट है। लेकिन दुर्भाग्य से यहां बाघों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इससे पशु प्रेमी दावा कर रहे हैं कि अगर सख्त कदम नहीं उठाए गए तो टाइगर स्टेट का दर्जा छिन जाएगा। यहां सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि डेढ़ साल में 64 बाघों की मौत दर्ज की गई है।
By: Arvind Mishra
Mar 23, 202612:58 PM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट है। लेकिन दुर्भाग्य से यहां बाघों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इससे पशु प्रेमी दावा कर रहे हैं कि अगर सख्त कदम नहीं उठाए गए तो टाइगर स्टेट का दर्जा छिन जाएगा। यहां सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि डेढ़ साल में 64 बाघों की मौत दर्ज की गई है। इनमें से 16 बाघों की मौत करंट लगाकर मारने से हुई है। यह स्थिति बाघ के जंगलों से निकलकर गांवों और खेतों की ओर बढ़ने से पैदा हुई है। राज्य के मंडला जिले और जबलपुर संभाग में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां करंट लगने से बाघों की मौत हुई। वन विभाग के अनुसार करंट से मौतों के अलावा कुछ मामलों में बाघों की मौत आपसी संघर्ष या प्राकृतिक कारणों से भी हुई है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जनवरी के दौरान आपसी लड़ाई में बाघों की मौत के मामले सामने आए हैं, जबकि अन्य वन क्षेत्रों में भी अलग-अलग कारणों से बाघों की जान गई।
2025 में 53 की मौत
गौरतलब है कि 2025 में भी प्रदेश में 53 से अधिक बाघों की मौत दर्ज की गई थी। इनमें कई मौतें करंट लगने के कारण हुई थीं, जो वन्यजीव संरक्षण के लिए गंभीर चुनौती मानी जा रही है। दरअसल, भोजन और पानी की तलाश में बाघों का जंगल से बाहर निकलना बढ़ रहा है। यही कारण है कि रिहायशी इलाकों तक पहुंच रहे हैं।
वन विभाग के सामने बड़ी चुनौती
बढ़ती घटनाओं के बीच वन विभाग के सामने बाघों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती बन गया है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध करंट लगाने पर सख्ती और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
जागरूकता के साथ सख्ती बढ़ाएंगे
मध्यप्रदेश के वन बल प्रमुख शुभरंजन सेन का कहना है कि राज्य में करंट से वन्यजीवों की मौत के कई केस सामने आए हैं। किसान अपनी फसलों को सूअर और अन्य जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेतों के आसपास बिजली का करंट प्रवाहित कर देते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार इन घटनाओं की समय पर जानकारी विभाग तक नहीं पहुंच पाती। अब वन विभाग इस तरह के हादसों को रोकने के लिए विशेष प्रयास कर रहा है और जागरूकता के साथ सख्ती भी बढ़ाई जाएगी।
बाघ की करंट से कब और कहां मौत