मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले की विजयपुर सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के निर्वाचन को लेकर आज यानी गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होगी। दोपहर तक इस मामले में सुप्रीम कोर्ट निर्णय दे सकता है।
By: Arvind Mishra
Mar 19, 202610:10 AM
विजयपुर विधायक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले की विजयपुर सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के निर्वाचन को लेकर आज यानी गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होगी। दोपहर तक इस मामले में सुप्रीम कोर्ट निर्णय दे सकता है। मध्यप्रदेश से लेकर दिल्ली तक के नेताओं की नजर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी है। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की डबल बैंच में सुनवाई होगी। इस केस को आठवें नंबर पर सुनवाई के लिए लिस्टेड किया गया है। गौरतलब है कि ग्वालियर हाईकोर्ट ने क्रिमिनल केस छिपाने के चलते मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित करते हुए भाजपा नेता रामनिवास रावत को विजेता माना था।
हाईकोर्ट ने ही 15 दिन का दिया था समय
नौ मार्च को हाईकोर्ट ने विजयपुर विधायक मामले में सुनवाई करते हुए मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन शून्य करने के बाद 15 दिन का समय सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए दिया था। 24 मार्च को यह 15 दिनों की समयसीमा पूरी हो रही है। ऐसे में आज होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी।
हाईकोर्ट ने अपनाया सख्त रुख
गत 9 मार्च को ग्वालियर बेंच के जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन रद्द कर दिया था। कोर्ट ने पाया कि मल्होत्रा ने 2024 के उपचुनाव नामांकन में केवल 4 क्रिमिनल केस की जानकारी दी थी। असल में उनके खिलाफ 6 मामले दर्ज थे। 2 केस की जानकारी छिपाना चुनावी नियमों का उल्लंघन माना गया। याचिकाकर्ता रामनिवास रावत को कोर्ट ने विजयपुर का नया विधायक घोषित करने का आदेश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए दिया था 15 दिन का समय
हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने जैसे ही मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन शून्य घोषित करते हुए निकटतम प्रतिद्धंदी रामनिवास रावत को विधायक घोषित किया था। उसके तुरंत बाद मल्होत्रा ने हाईकोर्ट में ही एक आवेदन देकर अपील करने के लिए समय मांगा था। इसके बाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मुकेश मल्होत्रा के पास सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए 15 दिन का समय है। इसका तकनीकी मतलब यह है कि अगले 15 दिनों तक रामनिवास रावत को विधायक के रूप में शपथ नहीं दिलाई जा सकती। मुकेश मल्होत्रा को अपनी विधायकी बचाने के लिए 20 मार्च तक सुप्रीम कोर्ट से स्टे लाना अनिवार्य होगा। यदि सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा देता है, तो मल्होत्रा विधायक बने रहेंगे।