ट्विशा शर्मा मौत केस में एक नया मोड़ सामने आया है। एम्स दिल्ली की टीम ने एक महीने की गहन जांच के बाद तैयार की गई 11 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सीबीआई को सौंप दी है। कोर्ट के आदेशों के तहत यह रिपोर्ट गोपनीय रखी गई है।

रिपोर्ट मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद तैयार की गई
एम्स के फॉरेंसिक विभाग के पांच डॉक्टरों की बोर्ड बनाई
भोपाल/नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
ट्विशा शर्मा मौत केस में एक नया मोड़ सामने आया है। एम्स दिल्ली की टीम ने एक महीने की गहन जांच के बाद तैयार की गई 11 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सीबीआई को सौंप दी है। कोर्ट के आदेशों के तहत यह रिपोर्ट गोपनीय रखी गई है। एम्स मेडिकल बोर्ड द्वारा की गई लैब और हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच में उस चीज जिम बेल्ट पर स्किन टिश्यू होने की पुष्टि हुई है, जिससे उसका गला घोंटा गया था। साथ ही यह भी पता चला है कि यह चोट के पैटर्न से मेल खाती है। एम्स में फॉरेंसिक विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने कहा कि बोर्ड ने किसी नतीजे पर पहुंचने से पहल मामले के हर एंगल से जांच की थी। उन्होंने हाई कोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट की जानकारी का खुलासा करने से इंकार कर दिया।
एक माह बाद दी विस्तृत राय
डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि मेडिकल बोर्ड ने केस की बारीकियों पर हर संभव नजरिए से बहुत गहराई से विचार किया, लगभग एक महीने तक सभी उपलब्ध राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल्स को ध्यान में रखा और वैज्ञानिक आधार के साथ विस्तृत राय दी है। सच्चाई और न्याय के हित में उइक और न्यायपालिका के लिए यह बिल्कुल स्पष्ट राय है।
जिम बेल्ट पर मिले चोट के निशान
यह निष्कर्ष इसलिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पहली पीएम रिपोर्ट में मृतका की गर्दन पर आई चोटों और जिम्नास्टिक्स बेल्ट के बीच कोई भी वैज्ञानिक संबंध स्थापित नहीं हो सका था, क्योंकि जांच अधिकारी पीएम के दौरान मेडिकल बोर्ड के सामने जिम्नास्टिक्स बेल्ट पेश नहीं कर पाए थे।
उसका गला घोंटा गया था
पीड़ित परिवार की मांग के बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एम्स दिल्ली के मेडिकल बोर्ड से दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने का आदेश दिया। इस पूरे मामले में मुख्य फॉरेंसिक सवाल यही था कि क्या गर्दन पर मिले घावों की स्थिति को देखते हुए, लोहे की रिंग वाली उस जिम्नास्टिक्स बेल्ट को ही असल फंदा माना जा सकता है, जिससे उसका गला घोंटा गया था।
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