एनएचएम ने मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हर मातृ मृत्यु की वर्बल ऑटोप्सी, समयबद्ध जांच और मासिक समीक्षा अनिवार्य होगी। नियमों के पालन पर ही प्रोत्साहन राशि मिलेगी।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
प्रदेश में मातृ मृत्यु दर कम करने और स्वास्थ्य सेवाओं की खामियों की पहचान के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मातृ मृत्यु वर्बल आॅटोप्सी (एमडीएसआर) और जिला स्तरीय मातृ मृत्यु समीक्षा को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मिशन की वरिष्ठ संयुक्त संचालक डॉ. अर्चना मिश्रा द्वारा जारी आदेश में सभी सीएमएचओ और जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक मातृ मृत्यु प्रकरण की समयबद्ध जांच, समीक्षा और रिपोर्टिंग अनिवार्य होगी। इसके लिए जिले और ब्लॉक स्तर पर जवाबदेही तय की गई है।
हर माह होगी विस्तृत समीक्षा
मातृ मृत्यु के मामलों की गहन समीक्षा के लिए जिला स्तर पर मासिक विस्तृत एमडीएसआर समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक नियमित जिला समीक्षा बैठकों के अतिरिक्त होगी।बैठक की अध्यक्षता सीएमएचओ करेंगे, जबकि जिला स्वास्थ्य अधिकारी सह-अध्यक्ष रहेंगे। इसमें सिविल सर्जन, ब्लड बैंक अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, स्त्री रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज के विभागाध्यक्ष, महिला एवं बाल विकास विभाग, 108 एम्बुलेंस, आईएमए, एफओजीएसआई प्रतिनिधि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और हितधारक शामिल होंगे। एनएचएम ने जिला स्तरीय विस्तृत एमडीएसआर समीक्षा बैठकों के आयोजन के लिए प्रति बैठक 10 हजार रुपए खर्च करने की अनुमति दी है। यह राशि गतिविधि कोड एमएच.1.9.ई से व्यय की जाएगी। एक बैठक में लगभग 40 प्रतिभागियों के शामिल होने का अनुमान लगाया गया है।
हर मातृ मृत्यु की होगी वर्बल ऑटोप्सी
निर्देशों के अनुसार मातृ मृत्यु के प्रत्येक मामले में वर्बल ऑटोप्सी कर मृत्यु के कारणों का विश्लेषण किया जाएगा। इसके लिए अधिकतम तीन सदस्यीय टीम गठित होगी जिसमें एक चिकित्सा अधिकारी (एमओ), एक आशा कार्यकर्ता तथा एएनएम, सीएचओ, एलएचवी या बीसीएम में से एक सदस्य शामिल रहेगा।प्रत्येक पूर्ण वर्बल ऑटोप्सी पर टीम को कुल 600 रुपए प्रोत्साहन राशि मिलेगी, यानी प्रति सदस्य 200 रुपए। यदि टीम में तीन से अधिक सदस्य होंगे तो निर्धारित राशि का ही विभाजन किया जाएगा।
इन शर्तों पर ही मिलेगा भुगतान
एनएचएम ने स्पष्ट किया है कि प्रोत्साहन राशि तभी देय होगी जब मातृ मृत्यु की सूचना एमडीएसआर पोर्टल, अनमोल और एचएमआईएस में दर्ज की गई हो। मृत्यु के 21 दिनों के भीतर वर्बल आॅटोप्सी पूरी कर ली गई हो। फॉर्म-5 सहित सभी दस्तावेज और जांच रिपोर्ट एमडीएसआर पोर्टल पर अपलोड किए गए हों। ब्लॉक मेडिकल आॅफिसर और बीसीएम द्वारा सत्यापन किया गया हो। किसी भी शर्त के अपूर्ण रहने पर भुगतान नहीं किया जाएगा।
जवाबदेही बढ़ाने पर जोर
एनएचएम के अनुसार मातृ मृत्यु समीक्षा का उद्देश्य केवल मृत्यु के कारणों की पहचान करना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद कमियों को दूर करना और विभिन्न स्तरों पर समन्वय बढ़ाना भी है। नियमित समीक्षा से जवाबदेही तय होगी और सुधारात्मक कार्रवाई को गति मिलेगी।


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