सतना जिला अस्पताल के लेबर रूम में अजगर का बच्चा मिलने से अफरा-तफरी मच गई। घटना ने अस्पताल की सफाई, ड्रेनेज व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
सतना जिला अस्पताल में भीषण गर्मी के बीच बंद पंखे, पेयजल संकट और लंबी कतारों ने मरीजों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दस दिनों में दस हजार से अधिक मरीज पहुंचे, जबकि सुविधाएं अपर्याप्त बनी हुई हैं।
सतना जिला अस्पताल के पीएनसी वार्ड में पुरुषों की भीड़ से प्रसूताओं की निजता और सुरक्षा खतरे में है। अव्यवस्था, गेट पास बंद और अटेंडरों की अनियंत्रित संख्या से संक्रमण और विवाद की आशंका बढ़ी।
सतना में सीवर कार्य के नाम पर सड़कें बार-बार खोदी जा रहीं, खराब रेस्टोरेशन से जनता परेशान, वहीं गंदगी और जलभराव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ा, फॉगिंग न होने से डेंगू-मलेरिया का खतरा भी बढ़ रहा
सतना के स्टेशन रोड पर भारी जाम से पौन घंटे तक यातायात ठप रहा। एम्बुलेंस फंसी रही, यात्री ट्रेन पकड़ने दौड़े। ट्रैफिक व्यवस्था की लापरवाही और अव्यवस्था ने शहरवासियों को परेशान कर दिया।
रीवा के लक्ष्मण बाग में गंदगी, नशाखोरी और असामाजिक गतिविधियों से हालात बिगड़े। युवा संगठन ने नगर निगम से सुरक्षा, सफाई और सीसीटीवी व्यवस्था बढ़ाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
सतना में एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान ने रफ्तार पकड़ी, एक दिन में 697 किशोरियों को टीका लगा। जिला 45वें से 35वें स्थान पर पहुंचा, हालांकि अव्यवस्थाओं के बीच टीकाकरण जारी रहा।
सतना जिला अस्पताल परिसर में अव्यवस्थित पार्किंग और वाहनों की भीड़ से जाम लग गया। करीब पौन घंटे तक मरीज और उनके परिजन अंदर-बाहर नहीं जा सके, जिससे अस्पताल की यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए।
सतना जिला अस्पताल में स्ट्रेचर और व्हील चेयर गायब, मरीजों को गोद व कंधों पर ले जाने की मजबूरी, प्रबंधन पर उठे गंभीर सवाल।
सतना में दिशा बैठक के दौरान सांसद गणेश सिंह ने स्मार्ट सिटी और सीवर लाइन कार्यों की अव्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाया। लेटलतीफी, गुणवत्ता और जिम्मेदारी को लेकर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।






















