सतना रेलवे स्टेशन का कोच रेस्टोरेंट बिजली बिल विवाद में फंसकर बंद पड़ा है, सालभर में हालत खराब होकर कबाड़ जैसा हो गया, नए ठेकेदार को संचालन से पहले बकाया भुगतान का इंतजार है।
मध्य प्रदेश में ठेका प्रथा और कंपनी राज के विरोध में कल (12 अक्टूबर) भोपाल के अंबेडकर पार्क में 'महाक्रांति आंदोलन' होगा। विभिन्न कर्मचारी संगठन नियमित नौकरी, ₹21,000 न्यूनतम वेतन और समान काम-समान वेतन की मांग करेंगे।
सतना में सीवर लाइन परियोजना फिर हादसे का कारण बनी। रीवा रोड पर सीवेज चेंबर में उतरे तीन सफाईकर्मी मिथेन गैस के रिसाव से बेहोश हो गए। एक मजदूर की मौत, दो गंभीर हालत में। 21 माह में 3 मौतें, 4 घायल। ठेका कंपनी की लापरवाही और प्रशासन की उदासीनता पर उठ रहे सवाल।
रीवा के इटौरा बायपास पर 11 केवी लाइन शिफ्टिंग के दौरान ठेका कंपनी की लापरवाही ने एक कर्मचारी की जान ले ली। करंट लगे खंभे में काम करवाने से युवक सिर के बल गिर गया और मौके पर ही मौत हो गई। विद्युत विभाग ने चेतावनी दी थी, लेकिन कंपनी ने अनियंत्रित कार्य करवाया।
सतना जंक्शन में 1 जून से नया सफाई ठेका लागू होने के बाद भी स्टेशन की साफ-सफाई की स्थिति में सुधार नहीं हो सका है। जबलपुर मंडल के एसीएम धर्मेन्द्र सिंह ने निरीक्षण में गंदगी को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई और ठेकेदार कंपनी पर बार-बार पेनाल्टी लगाई जा रही है।
सतना रेलवे स्टेशन के बाहर ऑटो चालकों की मनमानी और नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों ने जाम की समस्या को स्थायी बना दिया है। ट्रेन आने के साथ ही यात्रियों को अंदर-बाहर निकलने में भारी परेशानी होती है। पार्किंग ठेका खत्म होने से व्यवस्थाएं ध्वस्त हैं और दोपहिया वाहन चोरी जैसी घटनाएं भी बढ़ रही हैं। यात्री और स्थानीय लोग रेलवे प्रशासन से सख्त कार्रवाई और नई पार्किंग व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
सतना जंक्शन पर रेलवे को हर माह भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। पार्किंग ठेका सरेंडर होने से 5.5 लाख और कोच रेस्टोरेंट बंद होने से 2 लाख रुपए का राजस्व घटा है। ठेकेदारों की अरुचि, बार-बार फेल हो रहे टेंडर और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था नदारद होने से स्टेशन की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शहडोल जिले के कोनी वार्ड में सीवर लाइन खुदाई के दौरान मिट्टी धंसने से दो मजदूरों की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर प्रोजेक्ट मैनेजर, सुपरवाइजर, सब इंजीनियर सहित 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। हादसे में 12 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन भी चर्चा में रहा।
सतना जिला अस्पताल के निरीक्षण में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने पार्किंग ठेकेदार और आरकेएस कर्मियों को लगाई फटकार। नई 150 बिस्तरों की बिल्डिंग निर्माण में हो रही देरी और अव्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश दिए।
रीवा के संजय गांधी अस्पताल के मर्चुरी मार्ग पर खुले में बायोमेडिकल वेस्ट फेंका जा रहा है। जहां मरीजों और मृतकों के परिजन गुजरते हैं, वहां गंदगी और बदबू से हाल बेहाल है। स्वच्छता के नाम पर ठेका व्यवस्था की पोल खोलती यह तस्वीर प्रशासन की उदासीनता को दर्शाती है।






















