सतना के स्वास्थ्य संस्थानों में नवजात बच्चों का आधार नामांकन शुरू करने की तैयारी है। जन्म स्थल पर ही सुविधा मिलेगी, सप्ताह में दो दिन ऑपरेटर उपलब्ध रहेंगे और माता-पिता का मोबाइल नंबर भी जोड़ा जाएगा।
सतना जिला अस्पताल में मैहर से रेफर प्रसूता ने मृत बच्चे को जन्म दिया, इसके बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि अस्पताल ने जांच और पोस्टमार्टम कराया।
नागौद सिविल अस्पताल में जन्म के बाद टीका लगाए गए नवजात की करीब 15 घंटे बाद तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों ने टीके के बाद झाग निकलने का आरोप लगाया, चिकित्सकों ने इलाज से सुधार बताया।
सतना जिला अस्पताल से कंगारू मदर प्रोजेक्ट शुरू होगा। दिल्ली-भोपाल की विशेषज्ञ टीम ने मातृ-शिशु सेवाओं, प्रसव कक्ष और एसएनसीयू का निरीक्षण किया। रिकॉर्ड के आधार पर भी व्यवस्थाओं और सेवाओं की गुणवत्ता परखी जाएगी।
सीधी के चुरहट क्षेत्र में पांच दिन की नवजात की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने मां को गिरफ्तार किया। जांच में मानसिक तनाव की बात सामने आई, जबकि घटना ने प्रसवोत्तर मानसिक स्वास्थ्य पर चिंता बढ़ाई।
सतना के एक निजी अस्पताल में नवजात की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही और एक्सपायरी दवाओं के उपयोग के गंभीर आरोप लगाए। पुलिस की मौजूदगी में देर तक प्रदर्शन और अस्पताल सील करने की मांग जारी रही।
भोपाल के शाहपुरा इलाके में जेके अस्पताल के पीछे कलियासोत नदी में एक नवजात शिशु का शव मिलने से सनसनी फैल गई। आरोपियों ने शव को पत्थरों से बांधकर नदी में फेंका था। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
रीवा के गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल की नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। स्टाफ की तत्परता से सभी नवजातों को सुरक्षित स्थानांतरित कर बड़ा हादसा टाल दिया गया।
रीवा में मात्र 1.35 किलोग्राम वजन वाले प्रीमैच्योर नवजात को 36 दिनों के गहन उपचार के बाद नई जिंदगी मिली। डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और कंगारू मदर केयर की मदद से शिशु स्वस्थ हुआ।
सतना जिला अस्पताल के प्रसूती वार्ड से नवजात बच्ची के अपहरण प्रयास का सनसनीखेज मामला सामने आया। महिला की सतर्कता से बच्ची सुरक्षित बच गई। पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।






















