सतना में हल्की बारिश के बाद बिजली व्यवस्था चरमराई, 500 शिकायतें दर्ज। कई इलाकों में ब्लैकआउट, लाइन फाल्ट और उपकरण जले। करंट से गोवंश की मौत पर लोगों में आक्रोश बढ़ा।
सिंगरौली के दुधमनियां गांव में 24 घंटे में मात्र चार घंटे बिजली मिल रही है, जिससे खेती, बच्चों की पढ़ाई और ग्रामीण जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
नेपाल में जारी राजनीतिक संकट के बीच Gen-Z प्रदर्शनकारियों ने चौंकाने वाला फैसला लिया है। काठमांडू के मेयर बालेन शाह और पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की का नाम ठुकराकर उन्होंने बिजली संकट खत्म करने वाले इंजीनियर कुल मान घिसिंग को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाने का प्रस्ताव दिया है। जानें क्यों घिसिंग हैं सबकी पसंद।
सीधी जिले में बिजली की अघोषित कटौती ने ग्रामीण और शहरी जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। उमस भरी गर्मी में बिजली गायब, वहीं फाल्ट के बहाने घंटों कटौती की जा रही है। इसके विपरीत, लोगों को भारी भरकम बिजली बिल भेजे जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ता परेशान और नाराज़ हैं।
सरकार के 24 घंटे बिजली देने के दावों के बावजूद मनगवां शहर में 100 से ज्यादा बार बिजली ट्रिपिंग हो रही है। 17 कर्मचारियों के भरोसे 24 हजार उपभोक्ता हैं, और कई गांवों में महीनों से बिजली गुल है। ट्रांसफार्मर जलने, पोल गिरने और रात में तकनीकी स्टाफ के अभाव ने उपभोक्ताओं को आंदोलन की राह पर ला दिया है।
पन्ना में जिला कांग्रेस कमेटी ने बारिश के बावजूद सड़कों पर उतरकर महंगाई, भ्रष्टाचार, बिजली संकट, अवैध खनन, खराब सड़कों, आवास योजना की गड़बड़ी और बेरोजगारी समेत 17 बिंदुओं पर जन समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। राज्यपाल के नाम सौंपे ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि समस्याओं का हल न हुआ तो कांग्रेस सड़कों पर आंदोलन करेगी।
सीधी जिले में गंभीर बिजली संकट को लेकर कांग्रेस ने बड़ा आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। विधायक अजय सिंह ने कलेक्टर से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है, जबकि भाजपा नेता इस मुद्दे पर खामोश हैं। ग्रामीण जनता अंधेरे में रहने को मजबूर है।
सतना में आसमानी बिजली गिरने से तीन ट्रांसफार्मर फेल, 7 इंसुलेटर पंक्चर। 12-14 घंटे तक ब्लैकआउट, हजारों उपभोक्ता बिजली संकट से बेहाल।
सतना शहर में बिजली कटौती और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या ने गर्मी और उमस में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। ट्रांसमिशन और वितरण कंपनियों के बीच समन्वय की कमी से आधे शहर को लगातार ब्लैकआउट और खराब उपकरणों का सामना करना पड़ रहा है।





















