सतना के नागौद क्षेत्र में अज्ञात चोर 7.20 किलोमीटर बिजली तार और 17 पोल क्षतिग्रस्त कर गए। आठ ट्रांसफार्मरों की सप्लाई प्रभावित हुई, जिससे कई गांवों और 60 से अधिक किसानों की बिजली बाधित हो गई।
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) विधेयक 2026 का मसौदा जारी किया है। अब अंत्योदय अन्न योजना के तहत राशन का वितरण परिवार के बजाय प्रति व्यक्ति के आधार पर होगा। 13 जुलाई तक सुझाव आमंत्रित।
संभाग की 77 प्रतिशत उचित मूल्य दुकानों ने 90 प्रतिशत से अधिक राशन वितरण किया है, लेकिन 602 दुकानें लक्ष्य से पीछे हैं। सतना और रीवा में कई दुकानों पर वितरण 30 प्रतिशत से भी कम दर्ज हुआ।
सतना जिले में मई 2026 के दौरान पीडीएस वितरण का औसत 93.64 प्रतिशत रहा। करीब 17,715 पात्र राशन कार्डधारक खाद्यान्न नहीं ले सके, जबकि पोर्टेबिलिटी सुविधा से हजारों हितग्राहियों को लाभ मिला।
विंध्य के छह जिलों में पीडीएस व्यवस्था सुस्त, 17 दिनों में केवल 24-32% राशन वितरण। गोदाम से आपूर्ति के बावजूद हितग्राही वंचित, व्यवस्थागत खामियों और लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल।
विंध्य क्षेत्र के छह जिलों में राशन कार्ड ई-केवाईसी अभियान अभी अधूरा है। 56 लाख से अधिक सदस्यों में करीब 3.17 लाख का सत्यापन बाकी है। प्रशासन के दावों के बावजूद कई जिलों में प्रक्रिया धीमी बनी हुई है।
मार्च 2026 के राशन वितरण से पहले विंध्य के छह जिलों में गेहूं-चावल का उठाव बेहद धीमा है। डिस्पैच और दुकानों तक वास्तविक पहुंच के आंकड़े चिंता बढ़ा रहे हैं।
संभाग के छह जिलों में खाद्यान्न आवंटन के बाद डिस्पैच और वास्तविक वितरण के आंकड़ों में गंभीर अंतर सामने आया है। जहां 40 से 60 फीसदी तक खाद्यान्न का डिस्पैच दर्ज हुआ, वहीं उचित मूल्य दुकानों तक पहुंचते-पहुंचते यह औसतन 20 से 36 फीसदी रह गया।
सतना जिले में खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था सुस्त साबित हो रही है। टोकन मिलने के बाद भी 1300 से ज्यादा किसान खाद के लिए लंबी कतारों में इंतजार को मजबूर हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और सीएम डॉ. मोहन यादव सोमवार रात उज्जैन पहुंचे। रात में नड्डा ने भगवान महाकाल के दर्शन किए और शयन आरती में शामिल हुए। इसके बाद आज यानी मंगलवार सुबह सीएम के साथ मिलकर नंदी हाल में 20 मिनट तक पूजन किया औ गर्भगृह में भी भगवान का पूजन-अर्चन किया।






















