सतना में भाजपा ने संगठनात्मक बैठकों के लिए सख्त टाइमलाइन लागू की है। अब मंडल से बूथ स्तर तक हर कार्यकर्ता को तय तारीख पर बैठक करनी होगी, जिससे संगठन और सरकार में बेहतर तालमेल बनेगा।
प्रदेश में निगम-मंडल नियुक्तियां शुरू होते ही सतना में राजनीतिक हलचल तेज है। अब चित्रकूट विकास प्राधिकरण और विंध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पदों पर दावेदारों की नजरें टिक गई हैं।
सतना में गांव-बस्ती चलो अभियान कार्यशाला में कैलाश विजयवर्गीय ने कार्यकर्ताओं को सक्रिय होने का संदेश दिया, कहा कि योजनाओं का लाभ बताने और बूथ स्तर पर सक्रियता से विपक्ष की ताकत घटेगी
भाजयुमो की नई प्रदेश टीम में सतना और विंध्य के कई जिले खाली, दावेदारों को जगह नहीं मिलने से युवाओं में नाराजगी, संगठन में क्षेत्रीय उपेक्षा और नेतृत्व पर सवाल तेज हुए
सतना भाजपा की नई जिला टीम 407 दिन बाद घोषित हुई। 17 नए चेहरे शामिल, पूर्व महापौर ममता पांडेय उपाध्यक्ष बनीं। कई पुराने पदाधिकारी बाहर, संगठन के बदले चेहरे पर सियासी चर्चा तेज।
सतना में कांग्रेस के नए जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ कुशवाहा की नियुक्ति के बाद पार्टी गुटबाजी और पोस्टर पॉलिटिक्स में उलझ गई है। स्वागत पोस्टरों से कद्दावर कांग्रेसी नेता अजय सिंह राहुल की तस्वीर गायब होने पर नाराजगी बढ़ी। वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि यह कदम पार्टी को और अधिक बिखराव की ओर ले जा रहा है।
सतना में भाजयुमो जिला अध्यक्ष पद के लिए डेढ़ दर्जन से ज्यादा युवा दावेदार सामने आए हैं। आदित्य यादव, हर्षित सिंह बिसेन, आदित्य सिंह टीकर, प्रियंक त्रिपाठी, अतुल शुक्ला जैसे नाम चर्चा में हैं। नियुक्ति 2028 की राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखकर होगी।
नागौद नगर पंचायत में कांग्रेस के दो पार्षदों अनीता ध्रुव व्यास और किरण वर्मन के भाजपा में शामिल होने से राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। अब भाजपा के पास 8 महिला पार्षदों का बहुमत है। पूर्व प्रतिद्वंदी अब मिलकर नगर विकास की जिम्मेदारी संभालेंगे। राजनीति में तेजी से बदला समीकरण।
सतना जिले की रामपुर जनपद पंचायत में अध्यक्ष रावेंद्र सिंह छोटू के खिलाफ 13 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव की सूचना दी है। सदस्यों ने आरोप लगाया कि फंड के बंटवारे में अनियमितता, बैठकें न होना और प्रस्तावों की अनदेखी अध्यक्ष के खिलाफ असंतोष के कारण बने। सियासी गलियारों में कांग्रेस और पूर्व विधायक की भूमिका की चर्चा तेज।
सतना जिले में कांग्रेस संगठन के शहर और ग्रामीण अध्यक्ष के चयन को लेकर रायशुमारी का पहला चरण पूरा हो चुका है। कई नाम सामने आने के बावजूद अब तक अंतिम फैसला नहीं हो सका है।






















