उज्जैन में वीर भारत संग्रहालय के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पारंपरिक निर्माण पद्धति अपनाने और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। नवंबर तक पूरा होने वाले इस प्रोजेक्ट की पूरी खबर यहाँ पढ़ें।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में निर्माणाधीन रेप्टाइल पार्क एवं अनुसंधान केंद्र का निरीक्षण किया। होमगार्ड जवानों को सर्प रेस्क्यू ट्रेनिंग और आधुनिक सुविधाओं की पूरी खबर यहाँ पढ़ें।
सतना में विंध्य चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने 14 सूत्रीय मांगों को लेकर नगर निगम का घेराव किया। बैरीकेड तोड़े गए, पानी की बौछार हुई, प्रशासन से तीखी बहस के बाद महापौर और एडीएम को ज्ञापन सौंपा।
सतना में सीवर लाइन के बाद हुए रोड रेस्टोरेशन की गुणवत्ता पहली बारिश में ही उजागर हो गई। स्टेशन रोड पर सड़क धंसने से निर्माण कार्य, निगरानी व्यवस्था और जिम्मेदार एजेंसियों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।
सतना में मानसून की पहली तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी की तैयारियों की पोल खोल दी। कई कॉलोनियों, सड़कों और अंडरब्रिज में जलभराव हुआ, जबकि जिला अस्पताल और बस स्टैंड भी पानी से प्रभावित रहे।
सतना स्मार्ट सिटी बोर्ड बैठक में सड़क निर्माण, इंटीग्रेटेड ट्रैफिक सिस्टम, आईएसबीटी परिसर किराया और कर्मचारियों का कार्यकाल बढ़ाने सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कलेक्टर ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
धवारी स्टेडियम पुनर्निर्माण में कराए गए अतिरिक्त कार्यों की जांच के लिए पार्षदों की तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। जांच रिपोर्ट के बाद ही संविदाकार के भुगतान पर आगे निर्णय लिया जाएगा।
सतना के धवारी स्थित इनक्यूबेशन सेंटर में बिना मीटर सीधे ट्रांसफॉर्मर से बिजली उपयोग का मामला सामने आया। बिजली विभाग की जांच में अवैध कनेक्शन पकड़े गए, जिससे निगरानी और जवाबदेही पर सवाल खड़े हुए।
सतना में पहली ही बारिश ने स्मार्ट सिटी के दावों की पोल खोल दी। जलभराव, बिजली कटौती, नालियों का गंदा पानी घरों और दुकानों में घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सतना में 31.15 करोड़ रुपए से बना आईएसबीटी उद्घाटन के चार माह बाद ही वीरान हो गया। बस संचालन बंद होने से शहर में जाम की समस्या फिर बढ़ गई है। निर्माण गुणवत्ता और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।






















