मध्य प्रदेश के कटनी जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक ओर सड़क हादसे में घायल मरीज जिंदगी और मौत से जूझ रहा था तो वहीं दूसरी ओर 108 एंबुलेंस का कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी भूलकर इंसानियत को तार-तार करता नजर आया।
भू-वैकुंठ बद्रीनाथ धाम के कपाट पुनर्वसु नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग में आज सुबह 6:15 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। इसी के साथ चारधाम यात्रा ने पूर्णता प्राप्त कर ली।चारधाम यात्रा के शुभारंभ के साथ ही बद्रीनाथ धाम में आस्था, परंपरा और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला, जो श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य और यादगार अनुभव बनेगा।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा वर्ष 2026 के लिए देश भर के 10 प्रमुख शहरों को सेफ सिटीज परियोजना के अंतर्गत चयनित किया गया है, जिसमें मध्यप्रदेश से ऐतिहासिक नगरी एवं आदिवासी बाहुल्य धार जिले को शामिल किया गया है।
विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम के कपाट बुधवार प्रात: शुभ मुहूर्त में ठीक 8 बजे वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इसी के साथ केदारनाथ यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया। कपाट खुलने के इस पावन अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहे।
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के रामनगर में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। जालो क्षेत्र में यात्री बस पलटने से 15 लोगों की जान चली गई। जानें हादसे की वजह और राहत कार्य की ताजा स्थिति।
अक्षय तृतीया 2026 पर आज से चारधाम यात्रा शुरू। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुले। जानिए शुभ मुहूर्त, सुरक्षा इंतजाम और यात्रा की पूरी जानकारी
मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित तारपुरा में रामकी एनवायरो कंपनी में भीषण विस्फोट हो गया। इस धमाके में 4 लोगों की मौत हो गई है। कई श्रमिक गंभीर रूप से झुलस भी गए हैं। दावा यह भी किया जा रहा है कि मृतकों का आंकड़ा बढ़ भी सकता है।
मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला! जिन क्षेत्रों में PNG पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां 3 महीने में कनेक्शन लेना अनिवार्य है, वरना LPG सिलेंडर मिलना बंद हो जाएगा। जानें पूरी गाइडलाइन।
भोपाल के हमीदिया अस्पताल में एक नवजात को मृत बताकर डेथ सर्टिफिकेट देने के 4 घंटे बाद वह जीवित मिला। जानें क्या है 'Abortus' केस और वजन कम होने पर डॉक्टरों का क्या है तर्क।
देशभर में लेडी अघोरी माता के नाम से प्रसिद्ध तेलंगाना की सबसे कम उम्र की अघोरी साधिका महाकाली नंदगिरी को किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया गया है। 18 वर्ष पहले उन्होंने असम स्थित कामाख्या धाम में तंत्र साधना सीखी थी और तब से लगातार अघोर साधना कर रही हैं।






















