सतना-मैहर में पंचायतों की लापरवाही से 750 छात्रों की समग्र आईडी नहीं बनी, सरकारी योजनाओं का लाभ अटका, शिक्षा विभाग परेशान।
रीवा रेलवे स्टेशन के टैक्सी स्टैंड में मनमानी वसूली, बदसलूकी और वाहनों से डीजल-पेट्रोल गायब होने की शिकायतें।
सतना रेलवे स्टेशन के बाहर ऑटो चालकों की अव्यवस्था से भीषण जाम लग गया। एम्बुलेंस तक फंसी रही। नो-पार्किंग, प्री-पेड बूथ और पुलिस तैनाती की कमी से यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
मध्यप्रदेश के नगरीय निकायों में अपनी सेवाएं दे रहे दैवेभो को लेकर राज्य सरकार सख्त फैसला लेने जा रही है। सरकार इस फैसले से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे युवाओं की उम्मीदें बढ़ गई हैं। विभाग ने 28 मार्च 2000 के बाद नियुक्त किए गए सभी दैवेभो की जानकारी 25 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से भेजने के निर्देश दिए हैं।
संपदा 2.0 योजना, जिसे सरकार ने डिजिटल क्रांति की दिशा में बड़ा कदम बताया था, अब जनता के लिए मुसीबत बन गई है। सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली और विदिशा समेत प्रदेश के जिलों में नामांतरण, बटवारा, खसरा सुधार और रजिस्ट्री जैसी प्रक्रियाएं महीनों से अटकी हुई हैं। तकनीकी खामियां, सर्वर डाउन, अधूरी प्रविष्टियां और पटवारियों की मनमानी ने लोगों का भरोसा डगमगा दिया है।
सतना रेलवे स्टेशन के बाहर ऑटो चालकों की मनमानी और नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों ने जाम की समस्या को स्थायी बना दिया है। ट्रेन आने के साथ ही यात्रियों को अंदर-बाहर निकलने में भारी परेशानी होती है। पार्किंग ठेका खत्म होने से व्यवस्थाएं ध्वस्त हैं और दोपहिया वाहन चोरी जैसी घटनाएं भी बढ़ रही हैं। यात्री और स्थानीय लोग रेलवे प्रशासन से सख्त कार्रवाई और नई पार्किंग व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रूसी तेल की खरीद के लिए भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ बुधवार से लागू हो गया, जिससे नई दिल्ली पर लगाए गए शुल्कों की कुल राशि 50 प्रतिशत हो गई। दरअसल, भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले सामानों पर आज से 50 फीसदी टैरिफ लागू हो गया है।
बरगी नहर परियोजना से सतना-रीवा को नर्मदा जल देने का दावा अब संदेह में है। टनल निर्माण अधूरा, नहरें क्षतिग्रस्त, ठेकेदार की मनमानी और आउट ऑफ कमांड एरिया में पानी देने से किसानों के हिस्से का आवंटित पानी अधर में लटका।
सेमरिया क्षेत्र में पशु चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पशु अस्पताल में न डॉक्टर आते हैं, न इलाज होता है। बरसात में बढ़ी बीमारियों से पशुपालक परेशान हैं। अस्पताल की गंदगी, अफसरों की लापरवाही और डॉक्टरों की गैरमौजूदगी ने ग्रामीणों की उम्मीदें तोड़ दी हैं।
सतना जिले के 12 निजी स्कूलों को डीईओ ने 3 दिन में जुर्माना राशि जमा करने का अंतिम अल्टीमेटम दिया है। आदेश की अवहेलना पर सीबीएसई को रिपोर्ट भेजी जाएगी।






















