रीवा के बोदाबाग में सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण और रजिस्ट्री में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। हाईकोर्ट आदेश के बाद कार्रवाई जारी, 31 मार्च के फैसले के बाद बुलडोजर चलने की तैयारी है।
सतना और मैहर जिले में 2026-27 की प्रस्तावित गाइडलाइन में जमीन की कीमतों में औसतन 12 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है। कुल 2009 लोकेशन प्रभावित होंगी, जबकि 13 मार्च तक आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।
संपदा 2.0 योजना, जिसे सरकार ने डिजिटल क्रांति की दिशा में बड़ा कदम बताया था, अब जनता के लिए मुसीबत बन गई है। सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली और विदिशा समेत प्रदेश के जिलों में नामांतरण, बटवारा, खसरा सुधार और रजिस्ट्री जैसी प्रक्रियाएं महीनों से अटकी हुई हैं। तकनीकी खामियां, सर्वर डाउन, अधूरी प्रविष्टियां और पटवारियों की मनमानी ने लोगों का भरोसा डगमगा दिया है।
सतना जिले के रघुराजनगर तहसील के सोहौला में करोड़ों की जमीन को फर्जीवाड़े के जरिए सिर्फ 12 लाख में बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कलेक्टर के सख्त रवैये के बाद रजिस्ट्री रद्द हो सकती है और सरपंच व पटवारी पर FIR दर्ज होने की संभावना है।
सतना जिले की शत्रु संपत्तियां अब अवैध कब्जों और फर्जी रजिस्ट्रियों का शिकार हो रही हैं। बम्हौर गांव में दबंग द्वारा शत्रु संपत्ति पर कब्जा कर उसकी रजिस्ट्री करवा ली गई है। ग्रामीणों ने शिकायत की लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन की निष्क्रियता पर उठ रहे सवाल।
रीवा जिले में पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत करीब 1.93 लाख पात्र किसानों में से अब तक केवल 80% ने ही फार्मर रजिस्ट्री करवाई है। 62 हजार किसान अब भी प्रक्रिया से वंचित हैं। सरकार ने 31 जुलाई तक अंतिम तारीख तय की है, रजिस्ट्रेशन नहीं होने पर अगली किस्त नहीं मिलेगी। 28 हजार किसानों के खाते इनएक्टिव हैं और योजना से बाहर हो सकते हैं। जानिए पूरी स्थिति और इसका समाधान।


















