रीवा के अमहिया मार्ग चौड़ीकरण में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई राजनीतिक दखल से रुकी, विधायक अभय मिश्रा के पहुंचने से विवाद बढ़ा, नए कलेक्टर और निगम आयुक्त के निर्णय पर टिकी नजर
विंध्य में कांग्रेस के ‘मैहर मंथन’ से जातीय भागीदारी, टिकट वितरण और संगठनात्मक संतुलन पर नई बहस शुरू।
कोलकाता में आई-पैक (I-PAC) निदेशक के घर ईडी की छापेमारी के दौरान सीएम ममता बनर्जी का हस्तक्षेप। ईडी पहुंची हाई कोर्ट, टीएमसी सांसदों का दिल्ली में प्रदर्शन। पूरी घटना का विवरण।
सुप्रीम कोर्ट राजनीतिक दलों को दिए जाने वाले चंदे के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम को खारिज कर चुकी है। इसके बाद राजनीतिक दलों को अब डोनेशन, इलेक्टोरल ट्रस्ट के माध्यम से दिया जा रहा है। इसी कड़ी में प्राइवेट कंपनियों द्वारा समर्थित ट्रस्ट की ओर से राजनीतिक दलों को जमकर चंदा दिया गया।
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संघ का कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है। RSS को BJP से जोड़कर देखना बड़ी गलती है। संघ का उद्देश्य सज्जन नागरिकों का निर्माण और समाज को विश्वगुरु बनने के लिए तैयार करना है।
'पॉलिटिको' की रिपोर्ट: राष्ट्रपति ट्रंप G7 को दरकिनार कर अमेरिका, रूस, चीन, भारत और जापान को शामिल कर 'कोर फाइव' (C5) सुपर क्लब बनाना चाहते हैं। इसका उद्देश्य पूर्वी एशिया में शक्ति संतुलन और भारत को वैश्विक भूमिका देना है, पर यूरोप इससे चिंतित है।
भाजपा महिला मोर्चा की नई प्रदेश अध्यक्ष के शपथ ग्रहण के बाद सतना जिले में जिला अध्यक्ष पद के लिए दावेदारों की संख्या बढ़ गई है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्षों से लेकर मंडल पदाधिकारियों और वर्तमान पार्षदों तक कई नाम चर्चा में हैं। संगठन अनुभव, जातीय समीकरण और मिशन 2028 के मद्देनज़र जिला नेतृत्व के चयन पर गहन मंथन जारी है।
ऑस्ट्रेलियाई सीनेटर पॉलिन हैनसन ने संसद में बुर्का पहनकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद उनकी धुर दक्षिणपंथी 'वन नेशन' पार्टी की लोकप्रियता 25 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। जानें इस उछाल के पीछे आर्थिक संकट, अप्रवासन नीति और विरोध प्रदर्शन का क्या प्रभाव रहा।
गृह मंत्रालय ने चंडीगढ़ से जुड़े विधेयक पर जारी विवाद पर स्पष्टीकरण दिया है। केंद्र ने कहा कि शीतकालीन सत्र में कोई विधेयक नहीं आएगा और चंडीगढ़ की मौजूदा स्थिति बदलने की कोई योजना नहीं है। केवल कानून बनाने की प्रक्रिया सरल करने का प्रस्ताव विचाराधीन है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा-हर नागरिक को वोट देने का बराबर अधिकार है, लेकिन कर्नाटक, बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में रहने वाले लोगों की आर्थिक हैसियत में बहुत बड़ा अंतर है। विधान न्याय का अधिकार आर्थिक और राजनीतिक देता है। राजनीतिक अधिकार के लिए, आपको वोट देने का अधिकार दिया गया है। लेकिन यह वोट देने का अधिकार तब तक इस्तेमाल नहीं किया जा सकता जब तक मुझे आर्थिक न्याय न मिले।






















