नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने भोपाल में पेड़ों के चारों ओर 1 मीटर खुली जगह रखने और लहारपुर डैम में जहरीले सीवेज का प्रवाह रोकने के लिए नगर निगम और PWD को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
सतना जिला अस्पताल में सर्जरी के दौरान नाइट्रस ऑक्साइड सिलेंडर खत्म होने पर उधार से ऑपरेशन पूरा किया गया। लगातार कमी से डॉक्टर नाराज, ओटी बंद करने की चेतावनी दी गई है।
रीवा के मिनर्वा हॉस्पिटल में जटिल सर्जरी सफल, महिला के गर्भाशय से 3 किलो गांठ निकाली गई। लंबे समय से पीड़ित महिला अब स्वस्थ, विशेषज्ञ टीम की कुशलता से मिला नया जीवन।
सतना जिला अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने 50 वर्षीय महिला के गले से 20 सेमी की विशाल थायरॉइड गांठ सफल सर्जरी से निकालकर चिकित्सा क्षेत्र में नई मिसाल कायम की।
सतना जिला अस्पताल में एचआईवी पॉजिटिव एक्सीडेंट पीड़ित की सफल हड्डी सर्जरी कर मानवता की मिसाल पेश की गई।
बीआर चोपड़ा की महाभारत में कर्ण का किरदार निभाकर दुनियाभर में मशहूर हुए अभिनेता पंकज धीर का बुधवार को निधन हो गया। 68 साल के पंकज को कैंसर था और उन्होंने इससे लंबी जंग भी लड़ी। हालांकि, कुछ महीने पहले यह फिर से उभर आया और वह बेहद बीमार थे। उनकी मेजर सर्जरी भी हुई थी।
डॉ. प्रिया भावे चित्तावार ने भोपाल से आगरा की महिला की टेलीरोबोटिक हिस्टेक्टोमी सर्जरी कर इतिहास रचा। जानें इस उन्नत तकनीक के लाभ—कम समय, तेज़ रिकवरी और अत्यधिक सटीकता।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बार फिर बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की है। एक साथ 16 आईपीएस अफसरों का तबादला किया गया है। यहां खास बात यह है कि दस जिलों के एसपी भी इधर से उधर किए गए हैं। जिन जिलों के एसपी बदले गए हैं, उनमें आजमगढ़, कुशीनगर, अलीगढ़, देवरिया, हरदोई, सोनभद्र, उन्नाव, प्रतापगढ़, अंबेडकरनगर और औरैया शामिल हैं।
रीवा के नेशनल हॉस्पिटल में डॉ. पूजा गंगवार और उनकी टीम ने एक 32 वर्षीय महिला की जान उस वक्त बचाई जब उसे रप्चर्ड एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी की जानलेवा स्थिति में भर्ती किया गया। आधुनिक लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के माध्यम से सफल ऑपरेशन कर आंतरिक रक्तस्राव को रोका गया। यह उपलब्धि रीवा जैसे छोटे शहर में चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक बड़ी सफलता है। जानिए इस साइलेंट मेडिकल इमरजेंसी के लक्षण और समय पर इलाज का महत्व।
सतना जिला अस्पताल में मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने पहली बार कंधे के लिगामेंट का सफल ऑपरेशन कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। मरीज सत्यम सिंह को एक साल पुराने फ्रैक्चर से राहत मिली। आठ डॉक्टरों की टीम ने मिलकर यह जटिल सर्जरी पूरी की, जिससे अब मरीज पूरी तरह आराम में है। निजी अस्पतालों की तुलना में यह इलाज सरकारी अस्पताल में निःशुल्क उपलब्ध हुआ।






















