सतना जिला अस्पताल में वार्ड ब्वाय की अनुपलब्धता, स्ट्रेचर की समस्या और टीबी वार्ड की एक्स-रे मशीन खराब होने से मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। करोड़ों खर्च के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठ रहे हैं।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो रहा है। कभी मरीजों को स्ट्रेचर व व्हील चेयर के लिए जद्दोजहद करना पड़ता है तो कभी वार्ड ब्वाय का पता लगाने में पूरा दिन निकल जाता है। ऐसे घटनाक्रमों ने जिला अस्पताल को कटघरे में ला खड़ा किया है।
शनिवार को भी ऐसा ही एक घटनाक्रम सोशल मीडिया में वायरल हुआ जिससे जिला अस्पताल की चिकित्सा प्रणाली पर सवाल खड़े हुए। वायरल वीडियो में देखा गया कि स्टेÑचर पर घायल अवस्था में बेटा बैठा हुआ है जिसे मरीज की मां ढकेल रही है। वार्ड ब्वाय को मरीज के परिजनों द्वारा कई बार पता लगाया गया लेकिन वह नहीं मिला। जानकारी के अनुसार पथरहा निवासी कुलदीप जिसे घायल अवस्था में अस्पताल लाया गया था, पैर टूटने की वजह से मरीज को भर्ती किया गया था। कुलदीप वार्ड क्र. 2 सर्जिकल वार्ड में बीते 4 दिनों से भर्ती था। मरीज का दोबारा से एक्स-रे कराने की सलाह पर परिजनों द्वारा नैदानिक केन्द्र तक ले जाया गया। वार्ड ब्वाय को खोजने की बहुत देर तक कोशिश करने के बाद भी परिजनों के हाथ निराशा ही लगी। बताया गया कि यह कोई नया घटनाक्रम नहीं है, रोजाना अधिकांश मरीजों को इन असुविधाओं से गुजरना पड़ता है। प्रबंधन द्वारा अस्पताल के सभी वार्डो में वार्ड ब्वाय उपलब्ध कराए गए हैं लेकिन मौके पर एक भी नहीं उपलब्ध होता।
कंट्रोल पैनल में शॉर्ट सर्किट से टीबी वार्ड की एक्स-रे मशीन ठप
जिला अस्पताल के टीबी वार्ड में लगी एक्स-रे मशीन एक बार फिर खराब हो गई है। इस बार खराबी का कारण कंट्रोल पैनल में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, जिससे पूरी मशीन बंद पड़ गई है। मशीन खराब होने की सूचना मिलते ही अनुबंधित संस्था के इंजीनियर शनिवार को अस्पताल पहुंचे, लेकिन वे मशीन को ठीक नहीं कर सके। अब जानकारी के अनुसार सोमवार को दूसरा इंजीनियर मरम्मत के लिए आएगा।
मरीजों पर बढ़ा बोझ
टीबी वार्ड में एक्स-रे सेवा बंद होने से क्षय रोगियों सहित अन्य मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। अब मरीजों को एक्स-रे के लिए नैदानिक केन्द्र स्थित मुख्य यूनिट का रुख करना पड़ रहा है। एक दिन में टीबी वार्ड में 45 से 50 लोगों के चेस्ट एक्स-रे किए जाते हैं। मौजूदा समय में नैदानिक केन्द्र की एक्स-रे यूनिट में हर दिन 250 के करीब एक्स-रे किए जा रहे हैं। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, यह समस्या नई नहीं है। मशीन में पहले भी कई बार खराबी आ चुकी है। दो दिन पहले भी मशीन खराब हुई थी, जिसे अस्थायी रूप से ठीक किया गया था। मशीन लगने के बाद से अब तक दर्जनों बार खराबी सामने आ चुकी है। सवाल तो यह है कि जिला अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए स्थायी समाधान किया जाएगा, या यूं ही बार-बार मशीन खराब होती रहेगी?


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्यप्रदेश की कृषि उपज मंडियों की व्यवस्थाओं में राज्य सरकार ने कुछ बड़े बदलाव किए हैं। मंडी में अब एक रजिस्टर्ड व्यापारी को एक ही दुकान आवंटित की जाएगी। राज्य सरकार ने पहली बार प्रदेश की मंडियों के लिए यह व्यवस्था लागू की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज यानी सोमवार को 12 बजे खंडवा पहुंचे। यहां नई कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में शामिल हुए। साथ ही इस अवसर पर मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत 82 लाख से अधिक किसानों के खाते में 3300 करोड रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर कर किसानों से संवाद किया।
भारतीय सेना की महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए विवादित बयान के केस में मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट 7 अगस्त को इस हाई-प्रोफाइल केस पर सुनवाई करने जा रहा है।
मध्यप्रदेश सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई 35 लोगों की मौत के बाद मध्य प्रदेश सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पूरे प्रदेश में जल सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। सभी जल स्रोतों की जियो टैगिंग की जाएगी ताकि उनकी लोकेशन और स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड रहे।
मध्य प्रदेश में वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के तहत खंडवा में आयोजित किए जा रहे बलराम कृषि महोत्सव में सोमवार को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव शामिल होंगे। पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का किसानों से वर्चुअल संवाद प्रस्तावित था, लेकिन अब वे स्वयं सोमवार को खंडवा पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल होंगे ।
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में पुलिस ने 'नशा मुक्ति अभियान 2.0' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 2 तस्करों को रंगे हाथों दबोचा और करोड़ों के माल के साथ केमिकल जब्त किए।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, हाईटेक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। पीएम ई-बस सेवा के तहत सोमवार से शहर में यात्रियों के साथ इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल रन शुरू होने जा रहा है।
दतिया का सियासी पारा इन दिनों चरम पर है। भगवा पार्टी की तरफ से चुनावी रण में उतरीं किन्नर प्रत्याशी संजना सिंह का प्रचार अभियान पूरे प्रदेश में कौतूहल और चर्चा का केंद्र बना हुआ है। दतिया की गलियों में यह सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि एक अनोखा लोक-उत्सव जैसा नजारा बन गया है।
मध्यप्रदेश में भले ही सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। प्रदेश में भ्रष्टाचार के आरोपियों पर केस चलाने के लिए विभिन्न विभाग अभियोजन की अनुमति देने में आनाकानी कर रहे हैं।
रीवा के एपीएस विश्वविद्यालय में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया में समिति बदलने से विवाद गहरा गया है। पात्रता, दस्तावेजों और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।