सतना में नौ वर्षों से चल रहा सीवर प्रोजेक्ट अब भी अधूरा है। बरसात से पहले सड़कों की खुदाई ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है, जबकि पीडीएमसी और नगर निगम की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
शहर में पिछले नौ सालों से चल रहे सीवर डालने का काम कभी भी प्लानिंग के साथ नहीं हुआ है। यही वजह है कि लगातार काम होने के बावजूद आज तक सीवर लाइन डालने का काम पूरा नहीं हो पाया है। नगर निगम और पीडीएमसी की निगरानी में चल रहे काम का हाल यह है कि जब सड़कों की मरम्मत का काम किया जाना चाहिए तब शहर में सीवर लाइन डालने का काम शहर में चल रहा है।
इन दिनों बस स्टैण्ड की तरफ से भरहुत नगर मोड़ की तरफ सीवर लाइन डालने का काम किया जा रहा है। सीवर लाइन डालने के लिए इन दिनों सड़क की खुदाई चल रही है। आने वाला समय बरसात का है, यदि यही हाल रहा तो सीवर के लिए खोदी गई सड़क में वाहन फंसेंगे। और आम लगेगा। शहर के बीचों-बीच निकलने वाले इस रास्ते में सीवर लाइन डालने का काम बरसात के बाद भी किया जा सकता है, लेकिन बिन प्लानिंग के ही भविष्य की समस्या को देखकर काम नहीं किया गया, जो लोगों की समस्या का कारण बन सकता है आने वाले समय में। गौरतलब है कि शहर में कई वार्डों व मोहल्लों में सड़क खुदी पड़ी हुई है, उनके रेस्टोरेशन की जरूरत है। उनके रेस्टोरेशन की तरफ ध्यान दिए जाने की बजाए नगर निगम का सारा ध्यान सड़कें खोदने पर ही लगा हुआ है। ऐसे में आने वाले समय में जरा सी बारिश में ही शहर कीचड़-कीचड़ हो जाएगा और लोगों को आने जाने में परेशानी होगी।
क्या कर रही पीडीएमसी?
शहर में सीवर लाइन डालने का काम भले ही निजी हाथों में हों पर उसकी निगरानी और मानीटरिंग की जिम्मेदारी नगर निगम और पीडीएमसी पर है। शहर में सीवर लाइन के काम की वजह से हो रही परेशानी और समस्या के लिए लोग नगर निगम को जिम्मेदार ठहराते हैं और शहर में धरना-प्रदर्शन भी हो रहे हैं पर इस पूरी परेशानी के लिए जो सबसे बड़ी जिम्मेदार संस्था पीडीएमसी है, उस ओर किसी का ध्यान नहीं है। आखिर पूरे प्रोजेक्ट में पीडीएमसी क्या कर रही है? सीवर प्रोजेक्ट समय से और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण हो इसकी जिम्मेदारी पीडीएमसी पर है, पर अब तक न समय से काम पूर्ण हुआ और न ही काम गुणवत्ता है। अब सवाल यह है कि आखिर पीडीएमसी कर क्या रही है? पीडीएमसी क्या अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन ठीक ढंग से कर रही है? यदि नहीं तो पीडीएमसी पर अब तक जिम्मेदारी क्यों नहीं तय की गई, उसके जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई हुई।

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