सिंगरौली जिले के तेंदुआ गांव में कोल माइंस कंपनी EMMRL के लिए जमीन खाली कराने पहुंचे प्रशासन को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। कई पीढ़ियों से रह रहे ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग करते हुए सीमांकन को बाधित किया। पुलिस बल के हस्तक्षेप से तनावपूर्ण स्थिति बन गई और ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की।

हाइलाइट्स
सिंगरौली, स्टार समाचार वेब
बंधा कोल माइंस क्षेत्र के ग्राम तेंदुआ में औद्योगिक कंपनी ईएमएमआरएल के लिए शासकीय जमीन में सैकड़ो सालों से बसें ग्रामीणों से कब्जा मुक्त कराने गया प्रशासन को आज मंगलवार को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। पुलिस प्रशासन द्वारा विरोध कर रहे ग्रामीणों को जबरन हटाया गया। जिससे प्रशासन और ग्रामीणों के बीच तनाव का माहौल निर्मित हो गया है। जानकारी के अनुसार मंगलवार की सुबह जिला प्रशासन के निर्देश पर उपखण्ड अधिकारी देवसर अखिलेश सिंह के नेतृत्व में आधा दर्जन थाना प्रभारियों के साथ भारी संख्या में पुलिस बल लाव लष्कर के साथ पंहुचास जिसको देखते कई पुस्तो से शासकीय जमीन पर अपना आशियाना बनाकर जीविकोपार्जन कर ग्रामीणों को किसी बड़ी कार्रवाई का अंदेशा हुआ। बताया जाता है कि देवसर के उप खंड अधिकारी श्री सिंह ने ग्रामीणों को बताया कि इस भूमि को कलेक्टर द्वारा कोयला कंपनी को आवंटित किया गया है। जिसकी राजस्व अधिकारियो द्वारा सीमांकन कर कोयला कम्पनी को सुपुर्द किया जायेगा लेकिन ग्रामीणों ने एस डी एम से कहा कि हम लोग कई पुश्तो से यहां घर बनाकर आबाद है और अपने बाल परिवार के साथ जीविकोपार्जन कर रहे है। हम सब गरीबो को बिना मुआवजा दिए कैसे बेघर किया जा सकता है । मुआवजा देने के बाद ही कम्पनी को यह जमीन देने खाली करायी जाय। प्रशासन के निर्देश पर राजस्व अमला की टीम द्वारा सीमांकन कराया जा रहा था और दूसरी ओर कोयला कम्पनी के लोगों द्वारा सीमांकन पोल भी गाड़े जा रहे थे। जिसको ग्रामीणों द्वारा उखाड़ फेका गया।
पुलिस कर्मियों ने ग्रामीणों को धमकाया
बताया जाता है कि कम्पनी के लोगों द्वारा गाडे गए सीमांकन पोल को उखाड़ने पर पुलिस अधिकारियो द्वारा विरोध कर रहे ग्रामीणों को बाहर खींचा और दूर तक झटक दिया। जिससे सैकड़ो ग्रामीण महिलाओ और लोगों द्वारा एस डी एम समेत पुलिस अधिकारियो के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
ग्रामीणें ने कहा इस बरसात में हम सब कहां जाएंगे
कलेक्टर के निर्देश पर उक्त जमीन को खाली करा कर संबंधित औद्योगिक कंपनी को सौंपना है। इस वजह से प्रशासन एवं पुलिस यहां आई हुई है। एसडीएम के उक्त बातों को सुनकर ग्रामीण भड़क गये और कहने लगे कि यहां 7 दशक के अधिक समय से यहां लोग घर बनाकर जीवको उपार्जन कर रहे हैं। इस भरी बरसात में ग्रामीण कहां जाएं और अब जब कंपनी आई है, तब सरकार और प्रशासन गरीबों को उजाड़ने में लगी हुई है।
ग्रामीणों ने एसडीएम के खिलाफ की नारेबाजी
बताया गया कि ग्रामीण पुलिस के साथ-साथ एसडीएम अखिलेश सिंह के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दिए। वहंी तनाव की स्थिति बनने लगी और पुलिस एवं ग्रामीणों के बीच धक्का मुक्की भी हो गई। ग्रामीणों को आग बबूला होते देख प्रशासन पीछे हट गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि एसडीएम एवं पुलिस प्रशासन पूरा कंपनी के लिए सपोर्ट कर रहे हैं। इस बरसात के मौसम में जिन गरीबों के घर उजाड़़े जाएंगे, वह कहां जाएंगे। जिसका जवाब देने से एसडीएम भी भागते नजर आए। भारी संख्या में पुलिस प्रशासन के साथ-साथ ग्रामीण मौजूद हैं। एसडीएम और पुलिस अधिकारी एक साथ ग्रामीणों के बीच बात सुलह कराने में लग गए हैं।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
बिहार से उज्जैन पहुंचे 16 सदस्यीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर दल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। इस दौरान वीर भारत संग्रहालय, महाकाल महालोक और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नीमच-मंदसौर के गांधी सागर अभयारण्य में मादा चीता 'राधा' को खुले में छोड़ा। अब गांधी सागर में चीतों की संख्या चार हो गई है। जानिए प्रोजेक्ट चीता की पूरी जानकारी, विस्तार और इससे जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्य।
भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का 'शाखा संगम' और स्वयंसेवक एकत्रीकरण कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्य वक्ता दत्तात्रेय होसबाले ने भारत की 5 हजार साल पुरानी सभ्यता और आपदा के समय समाज की सहभागिता पर विस्तार से अपने विचार रखे।
भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र में चलती बाइक पर दोस्त ने दूसरे दोस्त की गोली मारकर हत्या कर दी। जानिए क्या है 15 दिन पुराने विवाद और इस सनसनीखेज वारदात की पूरी कहानी।
रीवा में प्रभारी मंत्री प्रहलाद पटेल ने सेवा संकल्प अभियान की समीक्षा की। 7 अक्टूबर को सेवा कलश यात्रा और 10 अक्टूबर को सेवा सेतु कार्यक्रम होंगे। बाढ़ नियंत्रण के लिए अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए।
मऊगंज के मलकपुर में करंट की चपेट में आने से नर हाथी की मौत हो गई। वन विभाग ने पोस्टमार्टम की तैयारी की, जबकि साथी हाथी भरत के रेस्क्यू के लिए बांधवगढ़ की टीम पहुंची।
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने भोपाल संभाग से रीवा पहुंचे युवाओं के दल को रवाना किया। युवाओं ने महामृत्युंजय मंदिर, व्हाइट टाइगर सफारी, पुरवा प्रपात और बसामन मामा गौ अभ्यारण्य का भ्रमण किया।
अमानगंज से बीएमओ कार्यालय गुनौर स्थानांतरित किए जाने की चर्चा से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। कार्यालय के नए भवन का उद्घाटन प्रस्तावित था, लेकिन स्थानांतरण की प्रशासनिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सतना में कॉलेज छात्रा को कथित रूप से धमकाने, पीछा करने और संबंध बनाने का दबाव डालने के मामले में कोलगवां पुलिस ने आरोपी छात्र को गिरफ्तार किया। मोबाइल जांच से डिजिटल साक्ष्य जुटाए जाएंगे।
सतना जिला अस्पताल में मैहर से रेफर प्रसूता ने मृत बच्चे को जन्म दिया, इसके बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि अस्पताल ने जांच और पोस्टमार्टम कराया।