मैहर में वित्तीय अनियमितता पर प्राचार्यों के निलंबन की कार्रवाई तेज, जबकि रीवा में 28 लाख के घोटाले पर अब तक कोई ठोस एक्शन नहीं।
जबलपुर के माता गुजरी महिला महाविद्यालय में छात्रवृत्ति में बड़ी धांधली। छात्रा की स्कॉलरशिप राशि दूसरे के खाते में भेजी गई। NSUI ने उठाए सवाल, प्रबंधन ने दिए जांच के आदेश।
अमदरा के ग्राम खेरवाकला मोड़ पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज में गंभीर तकनीकी खामियां सामने आई हैं। एसडीओ और पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट ने अनियमितताओं की पुष्टि की है। विधायक, अधिवक्ता और स्थानीय लोगों ने जांच, निर्माण रोकने और पुनः सही डिजाइन से कार्य कराने की मांग उठाई है।
सतना जिले में कुपोषण का संकट फिर उजागर हुआ है। नागौद क्षेत्र के पनास आंगनवाड़ी केंद्र में स्वास्थ्य जांच के दौरान 7 बच्चे अति गंभीर कुपोषित पाए गए। चार माह पहले मझगवां क्षेत्र में मासूम रजा हुसैन की मौत के बाद भी जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग से लेकर स्वास्थ्य अमले तक की लापरवाही जारी है। आंकड़े बताते हैं कि सतना के 125 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों में कुपोषण का स्तर सरकारी मानकों से कई गुना अधिक है। योजनाओं और बजट के बावजूद नतीजे नहीं दिख रहे, जिम्मेदार अधिकारी अब भी मौन हैं।
जबलपुर के जिला अस्पताल विक्टोरिया में गुरुवार को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने बड़ी कार्रवाई की। वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद ईओडब्ल्यू ने अस्पताल कार्यालय पर छापा मारकर वर्ष 2009 से 2020 तक के महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव की मां अंबी बिष्ट सहित पांच लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर साल 2016 के जानकीपुरम जमीन घोटाले में दर्ज की गई है। यह कार्रवाई विजिलेंस की खुली जांच में दोषी पाए जाने के बाद की गई।
शहडोल जिले की ग्राम पंचायत रामपुर में बूंदी और समोसे पर करीब 70,000 रुपये के बिल ने सरकारी धन के दुरुपयोग पर सवाल खड़े किए। जानें इस घोटाले की पूरी कहानी और इससे जुड़े पुराने मामले।
मझगवां स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ डॉ. रूपेश सोनी की कार्यशैली को लेकर मीडियाकर्मियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। मीडियाकर्मियों का आरोप है कि अस्पताल की अनियमितताओं और मरीजों की समस्याओं को उजागर करने पर बीएमओ ने झूठी शिकायत दर्ज कराई। सांसद और विधायक भी बीएमओ के खिलाफ पत्र लिख चुके हैं लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने सोहावल और नागौद विकासखंड का निरीक्षण कर स्वास्थ्य संस्थाओं व विद्यालयों में पाई गई अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई की। जसो की चिकित्सक, बराकला की सीएचओ और नागौद की आशा कार्यकर्ता को निलंबित किया गया। विद्यालयों में पठन-पाठन की खामियों पर प्रधानाध्यापक, जन शिक्षक और बीआरसीसी की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए गए।
बहुचर्चित अरहर (राहर) घोटाले की फाइल एक बार फिर खुल गई है। रीवा के आंचलिक कार्यालय के ऑडीटर ने सतना मंडी से दस्तावेज एकत्र किए। विभागीय जांच में मंडी शुल्क चोरी, अवैध खरीदी और अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका की परतें उभर सकती हैं।






















