सतना नगर निगम में बजट को लेकर महापौर और कमिश्नर के बीच टकराव गहराया है। समयसीमा नजदीक होने के बावजूद बजट पास नहीं हो सका, जिससे विकास कार्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
सतना में नगर निगम कर्मचारियों पर फुटपाथ और सड़कों पर अवैध रूप से दुकानें सजवाने और बदले में 500 रुपए वसूलने के आरोप लगे हैं। रीवा-पन्ना मार्ग, बिरला रोड और अन्य व्यस्त रूटों पर दुकानों से बाजार बैठकी वसूली जा रही है। सहायक राजस्व अधिकारी के हस्ताक्षर वाली रसीदें मिलीं, जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए।
सतना स्मार्ट सिटी योजना के तहत कोठी तिराहे पर करोड़ों रुपए खर्च कर बनाई गई सब्जी मंडी अब शराबियों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुकी है। चबूतरों पर सब्जियों की जगह शराब और गांजे का सेवन होता है, जबकि दुकानदार सड़कों पर दुकानें लगाने को मजबूर हैं।
सतना नगर निगम में चौराहों के सौंदर्यीकरण के नाम पर करोड़ों की हेराफेरी का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने दस्तावेजों का सत्यापन कर भ्रष्टाचार की जांच तेज कर दी है। अब तक करीब 25 लाख की गड़बड़ी पकड़ी गई है और 10 लोगों पर धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज हुआ है।
सतना नगर निगम में सीएम हेल्पलाइन की 1228 शिकायतें अब भी लंबित हैं, जिनमें से 830 शिकायतें केवल जुलाई माह की हैं। इनमें कई शिकायतें 500 से 1000 दिनों से अटकी हैं। हर सप्ताह समीक्षा के बावजूद समाधान की गति धीमी है, जिससे नागरिकों की समस्याएं बनी हुई हैं। क्या प्रशासनिक लापरवाही इसके लिए ज़िम्मेदार है?
सतना और रीवा नगर निगम की राजनीति अक्सर जनप्रतिनिधियों के करियर की अंतिम सीढ़ी बनकर रह जाती है। जिले में अब तक कोई भी महापौर विधानसभा या लोकसभा तक नहीं पहुंच सका। इसके उलट, जिला पंचायत से निकलकर कई नेता विधायक-सांसद बने। सवाल है — क्या योगेश ताम्रकार, राजेश पालन और अजय मिश्रा इस ट्रेंड को बदल पाएंगे?
सतना नगर निगम के वार्ड क्रमांक 16 कृपालपुर में आबादी के बीच गैस स्टोरेज प्लांट का निर्माण नियमों की अनदेखी कर किया जा रहा है। रहवासियों का आरोप है कि बिना गाइडलाइन और सही जानकारी के अनुमति दी गई। अब बस्ती के लोग कोर्ट में जनहित याचिका दायर करने की तैयारी में हैं।
सतना नगर निगम की एमआईसी बैठक में ठेकेदारों के पक्ष में खड़े रहने वाले अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए। एमआईसी सदस्य अंशू ने इंजीनियरों की निष्क्रियता और पार्षदों की अनदेखी को लेकर नाराजगी जताई। खराब सड़कों, मलबे की सफाई, तालाब सौंदर्यीकरण से लेकर पेयजल आपूर्ति तक कई मुद्दों पर लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय।
सीएम हेल्पलाइन का ऐसा समाधान? सतना नगर निगम की लापरवाही फिर उजागर हुई! वार्ड नंबर 10 में जलभराव की शिकायत की गई, लेकिन समाधान में बताया गया कि अवैध मांस-मुर्गा दुकानें हटा दी गईं। समस्या जस की तस बनी हुई है। सीएम हेल्पलाइन में गुमराह कर फोर्स क्लोज की जा रही हैं शिकायतें। पढ़ें पूरी रिपोर्ट और जानिए कैसे अधिकारी कर रहे हैं जनता की अनदेखी।
रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद ने सतना नगर निगम की विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में धीमी प्रगति और लक्ष्य से कम हाउस कनेक्शन पर नाराजगी जताई। सीवर लाइन, कचरा प्रबंधन और आवास योजनाओं सहित विभिन्न कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।






















