भोपाल मास्टर प्लान 2047 के नए ड्राफ्ट को लेकर 66 गांवों के किसानों ने प्रदर्शन किया। नीलबड़ में पुलिस बैरिकेडिंग के बीच किसानों ने BIZ-1 और BIZ-2 ज़ोन हटाने और कृषि भूमि बचाने की मांग की।
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिये पंजीयन प्रक्रिया जारी है। अभी तक 3 लाख 5 हजार 82 किसानों ने पंजीयन कराया है। किसान 10 अक्टूबर तक पंजीयन करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से आह्वान किया है कि निर्धारित समय में पंजीयन करा लें, जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो।
मध्यप्रदेश में भले ही अगला विधानसभा चुनाव 2028 में होना तय है, लेकिन राज्य का राजनीतिक पारा अभी से उफान पर आ गया है। दोनों प्रमुख सियासी दल भाजपा और कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व समय से दो साल पहले ही मैदान में उतर चुका है। इंदौर, उज्जैन, बालाघाट से लेकर भोपाल तक दिग्गजों की आवाजाही और बैठकों के दौर ने साफ कर दिया है कि सत्ता की चाबी हासिल करने के लिए घेराबंदी शुरू हो चुकी है।
वैश्विक बाजार में खाद की आपूर्ति में आ रही रुकावटों और आसमान छूती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने देश के किसानों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने इस बढ़ी हुई कीमत का पूरा आर्थिक बोझ खुद वहन किया। सरकार की इसी नीति के कारण किसानों को आज भी यूरिया की बोरी लगभग 300 रुपए के आसपास ही मिल रही है।
मध्य प्रदेश में इस साल मानसून की बेरुखी से राज्य के आधे हिस्से में सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। प्रदेश के 55 में से 30 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा नहीं हो सका है, जिनमें से 11 जिलों में तो 80 प्रतिशत से भी कम बारिश दर्ज की गई है।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के बुनियादी ढांचे, प्रशासनिक व्यवस्था और किसान कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।
ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की खरीदी को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। आज यानी मंगलवार को केंद्रीय कृषि विभाग ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश में जिन किसानों का आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन बार-बार विफल हो रहा है, उनके लिए विशेष छूट दी गई है।
ग्रीष्माकलीन मूंग की खरीदी का कोटा बढ़ाने, खाद की ई-टोकन व्यवस्था को समाप्त करने और दस घंटे निर्बाध बिजली की आपूर्ति जैसी विभिन्न मांगों को लेकर भोपाल में डेरा जमाकर बैठे किसानों से बात कर समाधान निकालने का जिम्मा राज्य सरकार ने चार मंत्रियों को दिया है।
मध्य प्रदेश में मूंग की 100 फीसदी एमएसपी पर खरीद की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। भोपाल में डेरा डाले किसानों के बीच राज्य के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर खरीद सीमा बढ़ाने की मांग की है।
मध्यप्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी को लेकर एक बार फिर सरकार पर दबाव बढ़ने लगा है। केंद्र ने राज्य को 4.54 लाख टन मूंग खरीदी की अनुमति दी है और समर्थन मूल्य पर खरीदी जारी है। लेकिन इस बीच खुलासा हुआ है कि पिछले साल खरीदी गई साढ़े तीन लाख टन मूंग अब भी गोदामों में पड़ी है, जिसके खरीदार नहीं मिल रहे हैं।






















