मध्यप्रदेश के धार जिले की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर सोमवार को हाई कोर्ट इंदौर में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान प्राथमिक जानकारी मिली है कि आगामी दिनों में हाई कोर्ट के न्यायाधीश विवादित स्थल का मुआयना करेंगे।
By: Arvind Mishra
Mar 16, 20263:05 PM
अब केस की दो अप्रैल से नियमित सुनवाई
धार। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के धार जिले की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर सोमवार को हाई कोर्ट इंदौर में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान प्राथमिक जानकारी मिली है कि आगामी दिनों में हाई कोर्ट के न्यायाधीश विवादित स्थल का मुआयना करेंगे। संभवत: पहली बार न्यायालय स्वयं मौके पर पहुंचकर भोजशाला परिसर की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करेगा।
सभी आवेदन स्वीकार
सोमवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पक्षकार बनने के लिए आए सभी आवेदन स्वीकार कर लिए और कहा कि किसी को भी यह न लगे कि उसे सुनवाई का अवसर नहीं मिला। मामले की नियमित सुनवाई दो अप्रैल से शुरू होगी। इससे पहले न्यायालय स्वयं भोजशाला स्थल का निरीक्षण करेगा।
एएसआई की रिपोर्ट में ये मिला
रिपोर्ट में 12वीं से 20वीं सदी तक के शिलालेखों के प्रमाण मिले हैं। इनमें संस्कृत-प्राकृत के साथ नागरी लिपि के लेख और अरबी-फारसी में लिखे शिलालेख शामिल हैं। कुछ शिलालेख धार्मिक गतिविधियों का संकेत देते हैं तो कुछ शिक्षण केंद्र होने की संभावना जताते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भोजशाला परिसर में 56 अरबी-फारसी शिलालेख मिले, जिनमें दुआएं, नाम और धार्मिक वाक्य हैं। वहीं, 12वीं–16वीं सदी के संस्कृत-प्राकृत शिलालेख भी मिले, जिनमें पारिजातमंजरी-नाटिका और अवनिकर्मसातम जैसे उल्लेख शामिल हैं। कुछ पत्थरों पर लिखावट मिटाकर दोबारा इस्तेमाल किए जाने के संकेत भी मिले हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह स्थल अलग-अलग कालखंडों में धार्मिक, शैक्षिक और सामाजिक उपयोग में रहा। ब्रिटिश काल से लेकर अब तक इसके संरक्षण के प्रयासों का भी जिक्र है।