मध्य प्रदेश आबकारी विभाग ने शराब की कीमतों में पारदर्शिता के लिए दुकानों पर QR कोड लगाना अनिवार्य किया। अब उपभोक्ता स्कैन कर MRP और MSP की जांच कर सकेंगे। नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस रद्द होगा।
TMC ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए राज्यसभा में महाभियोग नोटिस दिया है। जानें क्या हैं आरोप और क्या है CEC को हटाने का संवैधानिक नियम।
सतना नगर निगम में बिना टेंडर दुकानों के आवंटन मामले में सहायक आयुक्त पर एफआईआर की प्रक्रिया सवालों में है। चार दिन में चिट्ठी कोतवाली नहीं पहुंचने से प्रशासनिक गंभीरता पर उठे सवाल।
मध्य प्रदेश में शेष कम्पोजिट शराब दुकानों के लिए आठवें चरण के ई-टेंडर की प्रक्रिया शुरू। जानें टेंडर की तारीखें, ऑक्शन का समय और नई आबकारी नीति के नियम।
मैहर में 30 बिस्तरीय आयुष अस्पताल की मंजूरी, दो एकड़ जमीन की तलाश जारी। अस्पताल बनने से स्थानीय और ग्रामीण क्षेत्र को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, आयुर्वेद चिकित्सा को मिलेगा बढ़ावा।
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मध्य प्रदेश के 50 IAS अफसरों को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। देखें पूरी लिस्ट और चुनाव की तारीखें
एमपी सरकार ने राज्य सूचना आयोग में आलोक नागर और राजेश भट्ट को सूचना आयुक्त नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की बैठक में लिए गए इस निर्णय को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है।
सीबीआई ने भारत के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी घोटाले 'Gain Bitcoin' में डार्विन लैब्स के सह-संस्थापक आयुष वार्ष्णेय को गिरफ्तार किया है। ₹20,000 करोड़ के इस पोंजी स्कीम मामले में आरोपी मुंबई एयरपोर्ट से विदेश भागने की फिराक में था। जानें कैसे तकनीकी ढांचे का इस्तेमाल कर लाखों निवेशकों से ठगी की गई।
सतना जिले में आयुष्मान भारत योजना की जमीनी हकीकत चिंताजनक है। जिले के 52 प्राथमिक व उप स्वास्थ्य केंद्र अब तक इंपैनल्ड नहीं हो सके हैं, जिससे ग्रामीण मरीजों को मुफ्त इलाज का लाभ नहीं मिल पा रहा। आईडी न बनने, प्रशासनिक लापरवाही और भुगतान संकट के कारण योजना दम तोड़ती नजर आ रही है।
सतना और मैहर जिलों में आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के हजारों बुजुर्ग अब भी मुफ्त इलाज से वंचित हैं। धीमी प्रगति, तकनीकी बाधाएं और प्रशासनिक लापरवाही के कारण योजना का लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे स्वास्थ्य सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।






















