जिला अस्पताल परिसर में एम्बुलेंस पार्किंग संबंधी प्रशासनिक निर्देशों का पालन नहीं हो रहा। खोवा मंडी पार्किंग खाली रहने के बावजूद अस्पताल परिसर में कई एम्बुलेंस खड़ी मिलीं, जिससे व्यवस्था पर सवाल उठे।
सतना जिला अस्पताल में प्रसूता के गर्भस्थ शिशु की मौत पर परिजनों ने उपचार और सिजेरियन में देरी का आरोप लगाया है। घटना के बाद प्रसूति सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
सतना जिला अस्पताल के लेबर रूम में अजगर का बच्चा मिलने से अफरा-तफरी मच गई। घटना ने अस्पताल की सफाई, ड्रेनेज व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
सतना जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खुल गई। मैहर से रेफर गर्भवती महिला को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर नहीं मिली, जिससे उसे पैदल लेबर रूम तक जाना पड़ा। वार्ड बॉय की अनुपस्थिति भी उजागर हुई।
सतना जिला अस्पताल के पार्किंग टेंडर पर नया विवाद खड़ा हो गया है। ठेका मिलने के बावजूद पार्किंग स्थल को लेकर ठेकेदार और प्रबंधन आमने-सामने हैं। मामले की जांच के लिए कलेक्टर ने तीन सदस्यीय टीम गठित की है।
रीवा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में शुल्क लेने के बावजूद मरीजों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रहीं। वार्ड ब्वाय की अनुपलब्धता, दवाओं की कमी और स्ट्रेचर तक परिजनों से चलवाने जैसी व्यवस्थागत खामियां सवाल खड़े कर रही हैं।
जिला अस्पताल के बाहर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई महज दो दिन में बेअसर दिखी। ठेले, गुमटियां और अवैध पार्किंग फिर लौट आईं, जबकि एम्बुलेंसों के लिए बनाई गई नई व्यवस्था भी धरातल पर नहीं उतरी।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की तीन सदस्यीय टीम ने सतना मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर एमबीबीएस की 50 अतिरिक्त सीटों को मंजूरी मिलने का निर्णय होगा।
सतना जिला अस्पताल में यातायात और अतिक्रमण सुधार के लिए प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। एंबुलेंस पार्किंग, वाहन जांच और अनावश्यक हूटर पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
सतना जिला अस्पताल में भीषण गर्मी के बीच बंद पंखे, पेयजल संकट और लंबी कतारों ने मरीजों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दस दिनों में दस हजार से अधिक मरीज पहुंचे, जबकि सुविधाएं अपर्याप्त बनी हुई हैं।






















