रीवा संभाग में गेहूं उत्पादन 4.19 लाख एमटी अनुमानित है। सतना और रीवा आगे हैं, जबकि मऊगंज और सिंगरौली पीछे। पंजीकृत किसानों में से केवल आधे ही समर्थन मूल्य पर उपज बेच पाएंगे।
सतना-मैहर में चना, मसूर और तुअर उपार्जन के लिए 2672 एमटी लक्ष्य तय हुआ। 54 हजार बारदाने उपलब्ध हैं और 80 गठान और आएंगे। किसानों के लिए आठ उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केरल विधानसभा अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के कार्यकाल की चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा-वे नेहरू को लोकतंत्र के संस्थापक मानते हैं, लेकिन अंधभक्त नहीं हैं।
सतना में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी तेज है, लेकिन परिवहन सुस्त पड़ने पर नागरिक आपूर्ति निगम ने ठेकेदार पर 32.88 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई।
पाकिस्तान के बलूचिस्तान के निर्वासित बलोच नेता मीर यार बलोच ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर को एक खुला पत्र लिखा है। पत्र में भारत और बलूचिस्तान के बीच ऐतिहासिक संबंधों के बारे में बताते हुए सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया है।
सतना–मैहर में धान उपार्जन केंद्रों पर तौलाई, गिनाई, सिलाई और पल्लेदारी के नाम पर किसानों से अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मानक से अधिक तौल, धान में मिलावट, भुगतान में देरी और सम्मान निधि की कथित चौथ वसूली ने सरकारी खरीदी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने भारत की जनसंख्या और उससे देश को होने वाले फायदे को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत की जनसंख्या में बढ़ोतरी और विदेशों में भारतीयों की सफलता वैश्विक प्रभुत्व की संभावना को दर्शाती है। यह तभी संभव है, जब पॉपुलेशन के रिप्लेसमेंट स्तर को बनाए रखा जाए।
रीवा जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था चरमरा गई है। कई खरीदी केन्द्रों में किसानों को तीन-तीन दिन तक तौल के लिए जागना पड़ रहा है। कहीं तौल कांटे खराब हैं तो कहीं बारदाने नहीं हैं। सेमरिया क्षेत्र में नाराज किसानों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
सतना-मैहर जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। कहीं बिना केंद्र स्थापित हुए खरीदी की तैयारी तो कहीं बिना तौल और मानक से अधिक वजन की शिकायतें मिली हैं। वायरल वीडियो के बीच कलेक्टर ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।
सतना और मैहर जिले के अमरपाटन व मझगवां उपार्जन केंद्रों पर समर्थन मूल्य में खरीदी जा रही धान की बोरियों में कंकड़-पत्थर मिलने से हड़कंप। मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के औचक निरीक्षण में सामने आई अनियमितताएं, किसानों को वापस भेजा गया।






















